आगरा: 12वीं की छात्रा ने कमरे में बंद होकर आत्मदाह का किया प्रयास, हालत गंभीर
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आगरा के थाना हरीपर्वत की विजय नगर स्थित महाराष्ट्र कॉलोनी में शनिवार दोपहर को एक छात्रा ने कमरे में बंद होकर आत्मदाह का प्रयास किया। लोगों ने दरवाजा खोलकर छात्रा को बाहर निकाला। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। छात्रा को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया? यह पता नहीं चल सका है।
महाराष्ट्र कालोनी निवासी छात्रा के पिता की 20 जुलाई को बीमारी की वजह से मौत हो गई थी। उसकी मां और भाई घर के पास ही सामान खरीदने गए थे। पड़ोस में रहने वाली बुआ घर के बाहर बैठी थी। अचानक बुआ ने भाई के घर से धुआं निकलता देखा। मगर, मुख्य गेट अंदर से बंद था। उन्होंने शोर मचाया। इस पर आसपास के लोगों के साथ ही मां और भाई आ गए। उन्होंने किसी तरह दरवाजा खोला। अंदर छात्रा जल रही थी।
लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। सूचना पर थाना हरीपर्वत पुलिस पहुंच गई। परिजन छात्रा को एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी ले गए। जहां उसका उपचार चल रहा है। छात्रा की बुआ ने बताया कि भतीजी 12वीं की छात्रा है। मगर, इस समय स्कूल बंद हैं। इस कारण घर में ही रहती है।
मां जब भी घर से बाहर जाती है तो उससे यही कहकर जाती हैं कि अंदर से गेट बंद करके रहना। यह सुरक्षा के लिए कहती हैं। उसने ऐसा क्यों किया? यह पता नहीं है। घटना की जानकारी पर थाना हरीपर्वत के फोर्स के साथ ही सीओ हरीपर्वत एएसपी सौरभ दीक्षित पहुंच गए।
बोलने की स्थिति में नहीं मां
थाना प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्मदाह के प्रयास का है। छात्रा की मां के बयान दर्ज करने के लिए गए थे। मगर, वो बोलने की स्थिति में नहीं है। इस कारण आत्मदाह का प्रयास क्यों किया? यह पता नहीं चल सका है। घर से मिट्टी के तेल की गंध आ रही थी। इससे आशंका है कि उसने मिट्टी का तेल डालकर आग लगाई। जांच की जा रही है। परिजनों ने भी फिलहाल कोई कारण नहीं बताया है।
परिवार के सामने आर्थिक संकट
महाराष्ट्र कालोनी निवासी छात्रा के पिता मजदूरी करते थे। 20 जुलाई को उनकी मौत हो गई। परिवार उनकी मौत के गम में था। बेटा भी एक टेलर की दुकान पर काम करता है। मगर, काम नहीं होने की वजह से बेरोजगार है। पत्नी घरों में काम करके किसी तरह अपने परिवार का पेट पाल रही हैं। छात्रा के इस कदम से परिवार के आंसू नहीं रुक रहे हैं।