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UP: आगरा विश्वविद्यालय में नया कोर्स, अब छात्रों को सिखाया जाएगा साइबर फ्रॉड से बचाव; इस तरह मिलेगा एडमिशन
Tue, 17 Mar 2026 10:17 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 17 Mar 2026 10:17 AM IST
सार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में नए सत्र से विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड से बचाव सिखाने के लिए साइबर सुरक्षा का व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा। यह कोर्स आईआईटी कानपुर के सहयोग से संचालित होगा और विश्वविद्यालय में साइबर सुरक्षा का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाया जाएगा।
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आगरा विश्वविद्यालय
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
साइबर फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को इस क्षेत्र की जानकारी और फ्रॉड से बचाव का कौशल देने के लिए डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में साइबर सुरक्षा से जुड़ा व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस विषय पर सोमवार को स्वामी विवेकानंद परिसर, खंदारी स्थित गेस्ट हाउस में बैठक आयोजित की गई।
इसमें आईआईटी कानपुर के सहयोग से साइबर सुरक्षा विषय में पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। आईआईटी कानपुर से आई नेहा ने संभावित सहयोग, पाठ्यक्रम की संरचना और प्रशिक्षण के बारे में बताया। कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास है कि ग्रेजुएशन स्तर पर पढ़ने वाले विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की जानकारी मिले। इसे ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत वर्ष 2026-27 सत्र से इस विषय को ग्रेजुएशन स्तर पर वोकेशनल पाठ्यक्रम के रूप में माइनर विषय के रूप में शुरू किया जा रहा है। बैठक में कुलसचिव अजय मिश्रा, प्रो. संजय चौधरी, प्रो. शरद चंद्र उपाध्याय, प्रो. अनिल गुप्ता, इन्क्यूबेशन मैनेजर योगेश तोमर मौजूद रहे।
कुलपति ने बताया कि आईआईटी कानपुर के सहयोग से साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड, स्कैम और डिजिटल सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे इनसे बचाव के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक कर सकें।
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इसमें आईआईटी कानपुर के सहयोग से साइबर सुरक्षा विषय में पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। आईआईटी कानपुर से आई नेहा ने संभावित सहयोग, पाठ्यक्रम की संरचना और प्रशिक्षण के बारे में बताया। कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास है कि ग्रेजुएशन स्तर पर पढ़ने वाले विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की जानकारी मिले। इसे ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत वर्ष 2026-27 सत्र से इस विषय को ग्रेजुएशन स्तर पर वोकेशनल पाठ्यक्रम के रूप में माइनर विषय के रूप में शुरू किया जा रहा है। बैठक में कुलसचिव अजय मिश्रा, प्रो. संजय चौधरी, प्रो. शरद चंद्र उपाध्याय, प्रो. अनिल गुप्ता, इन्क्यूबेशन मैनेजर योगेश तोमर मौजूद रहे।
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कुलपति ने बताया कि आईआईटी कानपुर के सहयोग से साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी बनाया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड, स्कैम और डिजिटल सुरक्षा की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे इनसे बचाव के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक कर सकें।
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