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ये है आगरा विश्वविद्यालय: रिजल्ट देने में रुलाता है, यकीन नहीं...देख लें बीएससी नर्सिंग की छात्राओं का VIDEO
Tue, 28 Jan 2025 01:21 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 28 Jan 2025 01:21 PM IST
सार
आगरा विश्वविद्यालय में बीएससी नर्सिंग की छात्राओं के दर्द को सिटी मजिस्ट्रेट ने सुना। छात्राएं उनके सामने ही फूट-फूटकर रोने लगीं। सिटी मजिस्ट्रेट ने आश्वासन दिया कि उनका अहित नहीं होने दिया जाएगा।
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सिटी मजिस्ट्रेट के सामने रोतीं छात्राएं
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि में सोमवार को बीएससी नर्सिंग के छात्र, संशोधित परिणाम जारी करने की मांग को पालीवाल पार्क परिसर स्थित टंकी पर चढ़ गए। इस दौरान डीन स्टूडेंट वेलफेयर, परीक्षा नियंत्रक छात्रों से वार्ता के लिए आए, लेकिन टंकी पर चढ़े छात्र-छात्राओं ने संशोधित परीक्षा परिणाम जारी न होने तक टंकी पर चढ़े रहने का ऐलान किया। ये विद्यार्थी रात तक डटे रहे। सिटी मजिस्ट्रेट वेद प्रकाश उनकी पीड़ा सुनने के लिए विवि पहुंचे। उन्होंने भी भरोसा दिलाया कि कुछ भी गलत नहीं होने दिया जाएगा।
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सत्र 2018-19 और 2019-20 के करीब दो दर्जन से ज्यादा छात्र सोमवार दोपहर करीब 12 बजे विवि पहुंचे। संशोधित परीक्षा परिणाम की मांग को लेकर करीब एक दर्जन छात्र विवि की सेंट्रल लाइब्रेरी के पास बनी पानी की टंकी के ऊपर चढ़ गए वहीं शेष नीचे ही नारेबाजी करने लगे। इन छात्रों का आरोप है कि जिस कोर्स को साढ़े 4 साल में पूरा हो जाना चाहिए था, वह सात साल भी परिणाम के इंतजार में लटका हुआ है। उन्हें हर सेमेस्टर में किसी न किसी विषय में फेल कर दिया जाता है। छात्रों ने आरोप लगाया कि जानबूझकर उन्हें मुख्य परीक्षा, पुनर्परीक्षा और यहां तक कि पुनर्मूल्यांकन में फेल कर दिया गया।
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छात्र चाहते हैं कि उन्हें पास कर दिया जाए। दोपहर करीब ढ़ाई बजे पहले डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. मनु प्रताप सिंह और बाद में परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओम प्रकाश प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्हें छात्रों को पैनल बनाकर कॉपियों के खुले मूल्यांकन और पुनर्परीक्षा का ऑफर दिया। जिसे छात्रों ने स्पष्ट नकार दिया। उनका कहना था कि पुनर्परीक्षा में पूरा साल बर्बाद जाता है। इसके बाद विवि के अधिकारी समेत पुलिसकर्मी विवि से वापस चले गए। रात 11 बजे तक छात्रों का विवि में धरना जारी था। सोमवार को धरना में आगरा के अलावा मधुरा, मैनपुरी, कासगंज, एटा, हाथरस, अलीगढ़ आदि जिलों से छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय पहुंचे।
पहले आरटीआई, फिर पुनर्मूल्यांकन के लिए कर चुके हैं प्रदर्शन
बीएससी नर्सिंग के सत्र 2018-19 और 2019-20 बैच के छात्रों का आरोप था कि उत्तर पुस्तिका में सारे उत्तर हल करने के बावजूद उन्हें 8 से 10 अंक दिए गए हैं। अधिकांश छात्रों को मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग (एमएसएन) में फेल किया गया है। छात्रों का आरोप है कि पहले आरटीआई के लिए आंदोलन किया, फिर पुनर्मूल्यांकन के लिए अब संशोधित परिणाम जारी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
बीएससी नर्सिंग के सत्र 2018-19 और 2019-20 बैच के छात्रों का आरोप था कि उत्तर पुस्तिका में सारे उत्तर हल करने के बावजूद उन्हें 8 से 10 अंक दिए गए हैं। अधिकांश छात्रों को मेडिकल सर्जिकल नर्सिंग (एमएसएन) में फेल किया गया है। छात्रों का आरोप है कि पहले आरटीआई के लिए आंदोलन किया, फिर पुनर्मूल्यांकन के लिए अब संशोधित परिणाम जारी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
11 नवंबर और 15 दिसंबर को भी कर चुके हैं प्रदर्शन
बीएससी नर्सिंग सत्र 2018-19 और 2019-20 के ये छात्र-छात्राएं यूं तो व्यक्तिगत रूप से दर्जनों चक्कर काट टुके हैं लेकिन सामूहिक रूप से भी ये छात्र लगातार विश्वविद्यालय में सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपनी गुहार लगा चुके हैं। हर बार इन्हें कोरा आश्वासन मिलता है। यही कारण है कि सोमवार को करीब एक दर्जन छात्र जब टंकी पर चढ़े तो वह बार-बार चीफ प्रोक्टर और परीक्षा नियंत्रक के बुलाने पर भी नीचे आने को तैयार नहीं हुए।
बीएससी नर्सिंग सत्र 2018-19 और 2019-20 के ये छात्र-छात्राएं यूं तो व्यक्तिगत रूप से दर्जनों चक्कर काट टुके हैं लेकिन सामूहिक रूप से भी ये छात्र लगातार विश्वविद्यालय में सक्षम अधिकारियों के समक्ष अपनी गुहार लगा चुके हैं। हर बार इन्हें कोरा आश्वासन मिलता है। यही कारण है कि सोमवार को करीब एक दर्जन छात्र जब टंकी पर चढ़े तो वह बार-बार चीफ प्रोक्टर और परीक्षा नियंत्रक के बुलाने पर भी नीचे आने को तैयार नहीं हुए।
छात्र चाहते हैं उन्हें पास कर दिया जाएं
प्रदर्शन में आए छात्रों का कहना है कि वह कभी आरटीआई, कभी चैलेंज तो कभी री परीक्षा के लिए फॉर्म भरकर और फीस जमा कर कर थक चुके हैं। उनके अभिभावकों के पास इतना धन नहीं है कि बो बार-बार शुल्क जमा कर सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार उन्हें पुनर्परीक्षा में फंसाया जा रहा है, इस प्रक्रिया में पूरा एक साल लग जाता है। वो चाहते हैं कि कुलपति अविलंब उनका संशोधित परिणा म जारी कर दें
प्रदर्शन में आए छात्रों का कहना है कि वह कभी आरटीआई, कभी चैलेंज तो कभी री परीक्षा के लिए फॉर्म भरकर और फीस जमा कर कर थक चुके हैं। उनके अभिभावकों के पास इतना धन नहीं है कि बो बार-बार शुल्क जमा कर सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि हर बार उन्हें पुनर्परीक्षा में फंसाया जा रहा है, इस प्रक्रिया में पूरा एक साल लग जाता है। वो चाहते हैं कि कुलपति अविलंब उनका संशोधित परिणा म जारी कर दें
विवि ने जारी किया पुनर्परीक्षा का कार्यक्रम
इधर छात्र धरने पर बैठे रहे और उधर विवि प्रशासन ने पुनर्परीक्षा का कार्यक्रम भी जारी कर दिया 10 से 15 फरवरी के मध्य बीएससी नर्सिंग के इन छात्रों की परीक्षा विवि के पालीवाल पार्क स्थित पं. दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान में दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक आयोजित की जाएंगी।
इधर छात्र धरने पर बैठे रहे और उधर विवि प्रशासन ने पुनर्परीक्षा का कार्यक्रम भी जारी कर दिया 10 से 15 फरवरी के मध्य बीएससी नर्सिंग के इन छात्रों की परीक्षा विवि के पालीवाल पार्क स्थित पं. दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान में दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक आयोजित की जाएंगी।