{"_id":"611376338ebc3e7abe362389","slug":"agra-sn-medical-college-patients-waiting-for-treatment-of-cancer","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएन का एक्सरे: दर्द से कराहते रहे कैंसर मरीज, सिकाई के लिए करना पड़ा तीन घंटे का इंतजार, जमीन पर बैठे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएन का एक्सरे: दर्द से कराहते रहे कैंसर मरीज, सिकाई के लिए करना पड़ा तीन घंटे का इंतजार, जमीन पर बैठे
Wed, 11 Aug 2021 12:33 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Wed, 11 Aug 2021 12:33 PM IST
सार
मरीजों को सिकाई के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। डॉक्टर को दिखाने आने वाले मरीजों के लिए बैठने को सीट नहीं हैं, जमीन पर ही मरीज बैठने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
कैंसर वार्ड में जमीन पर बैठे मरीज
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज के कैंसर रोग विभाग में चिकित्सकीय सेवाएं बदहाल हैं। मरीजों को सिकाई के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। डॉक्टर को दिखाने आने वाले मरीजों के लिए बैठने को सीट नहीं हैं, जमीन पर ही मरीज बैठने को मजबूर हैं। यहां 30 बेड हैं, जो हमेशा फुल रहते हैं। इससे अधिक मरीज आने पर एक बेड पर दो को लिटाना पड़ता है। इनके लिए 30 बेड का और वार्ड तैयार करना थे, लेकिन अभी तक नहीं हो सका है।
विज्ञापन
कैंसर विभाग के लिए बेड बढ़ाए जाएंगे, मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए उनके बैठने के लिए भी व्यवस्था कराई जा रही है। विभाग का निरीक्षण कर हाल भी देखूंगा।
विज्ञापन
डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य
बेड नहीं मिला तो जमीन पर ही लिटा दिया मरीज
- शिकोहाबाद की बेबी ने बताया कि उनकी मां की हालत गंभीर है, भर्ती कराने के लिए कहा तो स्टाफ ने कहा कि पहले ओपीडी में दिखा दो, मरीजों की भीड़ को देखते हुए बेड दिलाने को कहा, तो मना कर दिया। ऐसे में जमीन पर ही मरीज लिटाना पड़ा।
विज्ञापन
तीन घंटे में हो पा रही जख्म की सिकाई
- एसएन के कैंसर विभाग में मरीजों की रेडियो थेरेपी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। दूरदराज से आए मरीजों को दो से तीन घंटे में नंबर आ रहा है। इससे दर्द से मरीज कराह रहे हैं। मरीजों का कहना है कि सिकाई जल्द हो जाए तो बड़ी राहत मिले।
- सुबह नौ बजे से ही सिंकाई के लिए आ गया था। करीब 12 बजे तक भी नंबर नहीं आया है। घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। जल्दी हो जाए तो राहत मिले। मुन्ना लाल, बाह
- ओपीडी में बैठने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में घंटों लाइन में लगना पड़ता है, खड़े होकर थकने पर मजबूरी में जमीन पर ही बैठना पड़ रहा है। अनीता देवी, अगवार
आगरा: दो बहनें लापता, तलाश में जुटी पुलिस, एक किशोरी के इंस्ट्राग्राम पर 41 हजार फॉलोअर्स