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आगरा की नई टाउनशिप: जमीन खरीदने में खजाना हो गया खाली, अब कर्ज के इंतजार में रुका काम
Mon, 18 Nov 2024 10:06 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 18 Nov 2024 10:06 AM IST
सार
आगरा की नई टाउनशिप ककुआ-भांडई का काम कर्ज के इंतजार में रुक गया है। ये योजना दिसंबर में लॉच करने की तैयारी थी। अब तक 100 हेक्टेयर भूमि की खरीद पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अब बाकी जमीन की खरीद व अन्य कार्यों के लिए एडीए को कर्ज का इंतजार है।
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आगरा टाउनशिप: ककुआ और भांडई में प्रस्तावित नई टाउनशिपआगरा टाउनशिप: ककुआ और भांडई में प्रस्तावित नई ट
- फोटो : संवाद
विस्तार
ककुआ और भांडई में प्रस्तावित नई टाउनशिप के लिए जमीन की खरीद में आगरा विकास प्राधिकरण का खजाना खाली हो गया। 100 हेक्टेयर भूमि की खरीद पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। अब बाकी जमीन की खरीद व अन्य कार्यों के लिए एडीए को कर्ज का इंतजार है। नई टाउनशिप का काम रुक गया है।
यहां बन रही टाउनशिप
ग्वालियर हाईवे के पास एडीए 138 हेक्टेयर में नई टाउनशिप बना रहा है। यहां अति दुर्बल, मध्यम व उच्च आय वर्ग के लिए भवन व भूखंड बनेंगे। व्यावसायिक संपत्तियां भी होंगी। करीब 100 हेक्टेयर भूमि की खरीद हो चुकी है। 38 हेक्टेयर भूमि खरीद शेष है। प्रथम चरण में जमीन खरीद के बाद अब एडीए को योजना का रेरा में पंजीकरण कराना है।
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यहां बन रही टाउनशिप
ग्वालियर हाईवे के पास एडीए 138 हेक्टेयर में नई टाउनशिप बना रहा है। यहां अति दुर्बल, मध्यम व उच्च आय वर्ग के लिए भवन व भूखंड बनेंगे। व्यावसायिक संपत्तियां भी होंगी। करीब 100 हेक्टेयर भूमि की खरीद हो चुकी है। 38 हेक्टेयर भूमि खरीद शेष है। प्रथम चरण में जमीन खरीद के बाद अब एडीए को योजना का रेरा में पंजीकरण कराना है।
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एडीए के पास नहीं धन
भूमि पर कब्जा लेने की कवायद भी शुरू हो गई है। खरीदी गई जमीन पर विकास कार्य शुरू करने के लिए एडीए के पास धन नहीं। नई टाउनशिप को विकसित करने के लिए एडीए ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 500 करोड़ रुपये कर्ज का प्रस्ताव भेजा है। कर्ज मिलने में हो रही देरी के कारण कार्य अधर में फंस गया है।
भूमि पर कब्जा लेने की कवायद भी शुरू हो गई है। खरीदी गई जमीन पर विकास कार्य शुरू करने के लिए एडीए के पास धन नहीं। नई टाउनशिप को विकसित करने के लिए एडीए ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र से 500 करोड़ रुपये कर्ज का प्रस्ताव भेजा है। कर्ज मिलने में हो रही देरी के कारण कार्य अधर में फंस गया है।
कर्ज मिलने पर शुरू होगा काम
एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि ऋण मिलते ही टाउनशिप का काम दोबारा शुरू हो जाएगा। साथ ही मास्टर प्लान 2031 में हरित क्षेत्र का पुनर्निर्धारण किया गया है। टाउनशिप के आसपास भी हरित क्षेत्र है। मास्टर प्लान अनुमोदन के लिए शासन को भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही मास्टर प्लान लागू हो जाएगा।
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एडीए उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली ने बताया कि ऋण मिलते ही टाउनशिप का काम दोबारा शुरू हो जाएगा। साथ ही मास्टर प्लान 2031 में हरित क्षेत्र का पुनर्निर्धारण किया गया है। टाउनशिप के आसपास भी हरित क्षेत्र है। मास्टर प्लान अनुमोदन के लिए शासन को भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही मास्टर प्लान लागू हो जाएगा।
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700 करोड़ रुपये होंगे खर्च
नई टाउनशिप के लिए जमीन की खरीद पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं इसे विकसित करने पर एडीए दो चरणों में करीब हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एडीए ने नए साल पर नई टाउनशिप योजना को लॉन्च करने और पंजीकरण शुरू करने का लक्ष्य रखा था। अब कर्ज में हो रही लेटलतीफी के कारण यह पिछड़ सकता है।
नई टाउनशिप के लिए जमीन की खरीद पर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं इसे विकसित करने पर एडीए दो चरणों में करीब हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एडीए ने नए साल पर नई टाउनशिप योजना को लॉन्च करने और पंजीकरण शुरू करने का लक्ष्य रखा था। अब कर्ज में हो रही लेटलतीफी के कारण यह पिछड़ सकता है।