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UP: फर्जी एसआईटी के गुर्गे नहीं पकड़ में नहीं आए, खाली हाथ लौटी पुलिस टीम; शिक्षा विभाग के बाबू से की थी ठगी

Mon, 18 Nov 2024 08:48 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Mon, 18 Nov 2024 08:48 AM IST
सार

आगरा में शिक्षा विभाग के बाबू से कार्यालय में घुसकर ठगी करने वाले फर्जी एसआईटी के गुर्गे पकड़ में नहीं आ सके हैं। गिरफ्तारी के लिए गई टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ गया। 
 

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henchmen of fake SIT were not caught police team returned empty handed cheated education department babu
agra police - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में शिक्षा विभाग के बाबू को कार्यालय में 2 घंटे बंधक बनाकर 80 हजार रुपये वसूलने वाली फर्जी एसआईटी को पुलिस नहीं पकड़ सकी है। हालाकि 16 दिन बाद पुलिस ने एक महिला और 3 पुरुष के खिलाफ केस दर्ज किया है। एक आरोपी की लोकेशन नोएडा में मिली थी। टीम गई लेकिन खाली हाथ लौट आई।
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19 अक्तूबर की है घटना
डीआईओएस कार्यालय में 19 अक्तूबर को एक महिला पहुंची थी। उसने स्कूल की मान्यता के लिए बात की थी। लिपिक कृष्ण गोपाल शर्मा सहित एक अन्य ने प्रक्रिया समझाई। शाम को महिला दोबारा आई थी। इस बार 3 लोग साथ में थे। उन्होंने खुद को एसआईटी का अधिकारी बताया। कर्मचारी को बंधक बना लिया। रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए जेल भेजने की धमकी दी। मोबाइल कब्जे में ले लिया। वीडियो और ऑडियो दिखाए। छोड़ने के लिए 5 लाख रुपये मांगे। 80 हजार रुपये बैंक से एक आरोपी ने निकलवाए। इसके बाद ही छोड़ा।
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एक आरोपी की नोएडा मिली लोकेशन
चर्चा है कि दूसरे बाबू से भी 60 हजार रुपये वसूले गए थे। 29 अक्तूबर को विभागीय लोगों को जानकारी होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। लिपिक से 31 अक्तूबर को तहरीर ली गई। एक आरोपी साैरभ अरोड़ा के नाम का पता चला। उसकी लोकेशन नोएडा थी। टीम गई लेकिन वो नहीं मिला। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि जांच में मामला ब्लैकमेलिंग का निकला है। इस पर पीड़ित से दोबारा तहरीर ली। इसी गिरोह ने फिरोजाबाद में भी ठगी की थी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी है। जल्द सफलता मिल सकती है।

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पुलिस ने दोबारा ली तहरीर
पुलिस ने 31 अक्तूबर को तहरीर देने के बाद पूरा मामला जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाल दिया। वसूली के मामले में कार्रवाई करने में 16 दिन लगा दिए। वो भी तहरीर दोबारा ली गई। इसमें सिर्फ ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया गया है।
 
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