{"_id":"6912a7ff96ce0606580fd7c4","slug":"agra-s-forgotten-blasts-14-years-two-explosions-and-still-no-answers-2025-11-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi Blast: फाइलों में दब गया आगरा का जय हॉस्पिटल धमाका कांड, इस ढाबे पर भी रखा गया था टाइम बम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi Blast: फाइलों में दब गया आगरा का जय हॉस्पिटल धमाका कांड, इस ढाबे पर भी रखा गया था टाइम बम
Tue, 11 Nov 2025 08:35 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 11 Nov 2025 08:35 AM IST
सार
दिल्ली में कार में हुए धमाके में आगरा के एक व्यक्ति घायल हुआ है। यहीं की काले रंग की स्कॉर्पियो कार भी धमाके में क्षतिग्रस्त हुई है। इस घटना ने एक बार फिर सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
विज्ञापन
धमाके से दहली दिल्ली
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा में इसी तरह भगवान टॉकीज स्थित जय हॉस्पिटल में 14 साल पहले बम धमाके में 6 से अधिक लोग घायल हुए थे। एनएसजी कमांडो और राष्ट्रीय जांच एजेंसी सहित अन्य खुफिया एजेंसियों ने जांच की थी। मगर धमाका फाइलों में ही दबकर रह गया।
बाईपास स्थित जय हॉस्पिटल में 17 सितंबर 2011 को बम धमाका हुआ था। धमाका इतना भीषण था कि 6 से अधिक लोग घायल हो गए थे। आतंकी घटना के मद्देनजर नजर खुफिया एजेंसियों ने जांच की थी। एनएसजी कमांडो और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी की टीम भी जांच करने के लिए पहुंची थी। इसमें हाईटेक तकनीक से धमाका किए जाने की पुष्टि हुई थी।
एक साल तक कई टीमों ने धमाके मामले में जांच की थी। इस मामले का खुलासा नहीं हो सका। पुलिस ने दो दिन बाद बम धमाके से संबंधित टुकड़े जांच के लिए भेजे थे। इसका नतीजा यह रहा कि आगे से संबंधित कोई भी सबूत पुलिस को नहीं मिल सका। मामले में 28 पर्चों के बाद पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
विज्ञापन
विशाल ढाबे पर 10 साल पहले रखा गया था टाइम बम
एत्माद्दौला के टेढ़ी बगिया स्थित विशाल ढाबे पर करीब 10 साल पहले टाइम बम रखा गया था। ढाबे पर दो लोग आए थे। उनके जाने के बाद कर्मचारियों की नजर थैले में रखे बम पर पड़ी थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। एनर्जी कमांडो मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बम को कब्जे में लिया था। इसके बाद बालू से भरे ट्रॉली में लेकर गए थे। बास्केट में रखे बम को निकाला गया था। उपकरणों के जरिये उसे खोलने का प्रयास किया जा रहा था, तभी उसमें धमाका हो गया था। उच्च तीव्रता का बम रखा गया था इससे कई लोगों की जान जा सकती थी। वह तो गनीमत रही कि समय रहते पता चल गया था। पुलिस ने दो संदिग्धों के स्केच भी जारी किए थे। इस घटना में भी बम रखने वालों का भी पता नहीं चल सका था।
विज्ञापन
बाईपास स्थित जय हॉस्पिटल में 17 सितंबर 2011 को बम धमाका हुआ था। धमाका इतना भीषण था कि 6 से अधिक लोग घायल हो गए थे। आतंकी घटना के मद्देनजर नजर खुफिया एजेंसियों ने जांच की थी। एनएसजी कमांडो और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी की टीम भी जांच करने के लिए पहुंची थी। इसमें हाईटेक तकनीक से धमाका किए जाने की पुष्टि हुई थी।
विज्ञापन
एक साल तक कई टीमों ने धमाके मामले में जांच की थी। इस मामले का खुलासा नहीं हो सका। पुलिस ने दो दिन बाद बम धमाके से संबंधित टुकड़े जांच के लिए भेजे थे। इसका नतीजा यह रहा कि आगे से संबंधित कोई भी सबूत पुलिस को नहीं मिल सका। मामले में 28 पर्चों के बाद पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
विज्ञापन
विशाल ढाबे पर 10 साल पहले रखा गया था टाइम बम
एत्माद्दौला के टेढ़ी बगिया स्थित विशाल ढाबे पर करीब 10 साल पहले टाइम बम रखा गया था। ढाबे पर दो लोग आए थे। उनके जाने के बाद कर्मचारियों की नजर थैले में रखे बम पर पड़ी थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई थी। एनर्जी कमांडो मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने बम को कब्जे में लिया था। इसके बाद बालू से भरे ट्रॉली में लेकर गए थे। बास्केट में रखे बम को निकाला गया था। उपकरणों के जरिये उसे खोलने का प्रयास किया जा रहा था, तभी उसमें धमाका हो गया था। उच्च तीव्रता का बम रखा गया था इससे कई लोगों की जान जा सकती थी। वह तो गनीमत रही कि समय रहते पता चल गया था। पुलिस ने दो संदिग्धों के स्केच भी जारी किए थे। इस घटना में भी बम रखने वालों का भी पता नहीं चल सका था।