फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Agra radhasoami fifth guru dada ji maharaj cremated by son and grandson large number disciple attend last rite

Agra: राधास्वामी मत के पांचवें गुरू दादा जी महाराज पंचतत्व में विलीन, सत्सगियों का उमड़ा सैलाब

Fri, 27 Jan 2023 02:13 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Fri, 27 Jan 2023 02:13 PM IST
सार

अगम प्रसाद माथुर का जन्म 27 जुलाई, 1930 को जन्मे ईश्वर की ख्याति धर्मगुरु, शिक्षाविद विचारक, इतिहासवेत्ता, ऑर्कियोलॉजिस्ट, लेखक, कवि, साहित्यकार के रूप में अधिक है।

विज्ञापन
Agra radhasoami fifth guru dada ji maharaj cremated by son and grandson large number disciple attend last rite
दादाजी महाराज पंचतत्व में विलीन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में राधास्वामी मत के पांचवे गुरू और आगरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर अगम प्रसाद माथुर (दादा जी महाराज) का बुधवार को निधन हो गया था, जिनका अंतिम संस्कार शुक्रवार सुबह किया गया।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार पीपल मंडी स्थित हुजूरी भवन से प्रो. अगम प्रसाद जी की शव यात्रा ताजगंज श्मशान घाट पहुंची। ताजगंज मोक्षधाम पर दादा जी महाराज प्रो. अगम प्रसाद माथुर के अंतिम संस्कार में सत्संगियों क सैलाब उमड़ पड़ा। दादाजी महाराज को मुखाग्नि उनके पुत्र अतुल माथुर और नाती सुमेर माथुर ने दी।
विज्ञापन


निधन के बाद से ही चल रहा था नाम का जाप
उनके निधन के बाद से ही हजूरी भवन, पीपल मंडी, आगरा में हर कोई राधास्वामी नाम का जाप कर रहा था। उनकी अंतिम यात्रा शुक्रवार सुबह हजूरी भवन से ताजगंज मोक्ष धाम पहुंची। बताते चलें कि अगम प्रसाद माथुर का जन्म 27 जुलाई, 1930 को जन्मे ईश्वर की ख्याति धर्मगुरु, शिक्षाविद विचारक, इतिहासवेत्ता, ऑर्कियोलॉजिस्ट, लेखक, कवि, साहित्यकार के रूप में अधिक है। उन्होंने कई पुस्तकें लिखी हैं जिनके माध्यम से दुनिया भर के राधास्वामी मत के अनुयायी मार्गदर्शन प्राप्त कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

उनके द्वारा किए गए सुधार कार्य सदैव अविस्मरणीय रहेंगे

राधास्वामी मत के अधिष्ठाता के रूप में दादाजी महाराज ने पूरे भारत का भ्रमण कर मत के सिद्धांतों से हर किसी को अवगत कराया। उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में अनेक सुधार किए। महिलाओं को हर कार में प्राथमिकता दी। दादाजी महाराज ने सेंट जॉन्स कॉलेज में शिक्षा प्राप्त की। वह आगरा कॉलेज में इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर रहे। उनके मार्गदर्शन में दर्जनों लोगों ने पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। 



दादाजी आगरा विश्वविद्यालय के दो बार कुलपति रहे, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कुलपति के रूप में विश्वविद्यालय में अनेक सुधार किए। यहां कई व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को शुरू किया। हजूरी भवन का वर्तमान स्वरूप भी दादाजी महाराज की देन है। उनके द्वारा किए गए सुधार कार्य सदैव अविस्मरणीय रहेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed