कोरोना काल में 'अतिथि देवो भव:' परंपरा के मुरीद हुए विदेशी, आगरा पुलिस को कहा- धन्यवाद
- लॉकडाउन में आगरा पुलिस ने निभाई 'अतिथि देवो भव:' की परंपरा
- विदेशी पर्यटकों के लिए किया दवा से लेकर खाने तक का इंतजाम
विस्तार
देश में जब लॉकडाउन लगा हुआ था तब आगरा की पुलिस अतिथि देवो भव: का संदेश दे रही थी। पुलिस ताजमहल का दीदार करने आए फ्रांस और नार्वे के तीन पर्यटकों की हर जरूरत को पूरा करने में लगी रही।
पुलिस के इस व्यवहार ने पर्यटकों का दिल जीत लिया। अब जब उनकी वतन वापसी का वक्त आया तो पुलिस को धन्यवाद देते हुए नहीं थक रहे। विदेशी पर्यटकों ने भविष्य में भी भारत आने की इच्छा जाहिर की।
फ्रांस के रहने वाले एलेक्स और एमाली, नार्वे की रहने वाली मियां ताज का दीदार करने भारत आए थे। 24 मार्च को कोरोना महामारी को देखते हुए देश में लॉकडाउन लगा दिया गया। इससे तीनों पर्यटक आगरा में ही फंस गए।
पुलिस बनी मददगार
तीनों पर्यटक वीरेंद्र रेजीडेंसी में ठहरे हुए थे। पर्यटकों को खाने-पीने की चिंता सता रही थी। इसकी जानकारी जब चौकी प्रभारी मनोज भाटी और प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार को हुई तो वो पहुंच गए।
उन्होंने पर्यटकों का हालचाल जाना। उनसे उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद होटल में ठीक से रहने के इंतजाम कराए। लॉकडाउन के दौरान उन्हें किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी।
खाने, पीने के सामान से लेकर दवा तक मुहैया कराईं। यही वजह थी कि पुलिस की इस दरियादिली ने पर्यटकों का दिल जीत लिया। अब वो वतन वापस जा रहे हैं।
फिर भारत आने की जताई इच्छा
उन्होंने पुलिस से कहा कि इटली और फ्रांस में महामारी के असर को ज्यादा देखते हुए वह खुद ही जाना नहीं चाहते थे। अब उनकी अपने देश में बात हो चुकी है। वह जल्द ही अपने वतन वापसी करने वाले हैं।
पर्यटकों ने पुलिस और होटल कर्मचारियों के सहयोग पर आभार व्यक्त किया। पर्यटकों ने पुलिस का धन्यवाद दिया। यह भी कहा कि अब भविष्य में फिर से भारत आना चाहेंगे।