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श्री पारस अस्पताल का एक और कारनामा: 19 दिन संक्रमित का इलाज किया, मृत्यु प्रमाण पत्र में लिखा हार्टअटैक
Sun, 13 Jun 2021 09:54 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 13 Jun 2021 09:54 AM IST
सार
दमघोंटू मॉकड्रिल मामले के बाद अस्पताल में लापरवाही से मरीजों की मौत और मृत्यु का कारण छिपाने के आरोप मृतक रोगी के भाई ने लगाए हैं।
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श्री पारस अस्पताल आगरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा के श्री पारस अस्पताल में संक्रमित राजीव कुमार 20 दिन भर्ती रहे। उनका कोरोना संक्रमण का इलाज कराया गया। लेकिन मृत्यु प्रमाण पत्र में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया। दमघोंटू मॉकड्रिल मामले के बाद अस्पताल में लापरवाही से मरीजों की मौत और मृत्यु का कारण छिपाने के आरोप मृतक रोगी के भाई ने लगाए हैं।
मैनपुरी के ओरंद गांव निवासी रमन सिंह ने बताया कि मेरे 33 वर्षीय छोटे भाई राजीव कुमार को बुखार था। सांस फूल रही थी। छह मई को मैनपुरी के एक अस्पताल में भर्ती किया। वहां से 7 मई को श्री पारस अस्पताल, भगवान टॉकीज पर रेफर कर दिया। चिकित्सक डॉ. अरिन्जय जैन ने कहा, कोविड है। एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट लिखित में नहीं दी। सीटी स्कैन कराया, उसमें सीवियर कोविड इन्फेक्शन रिपोर्ट आई। सीटी में फेफड़ों में संक्रमण के लिए रेमेडिसिविर इंजेक्शन मंगाए। 25 मई को मेरे भाई की मृत्यु हो गई। रमन सिंह का आरोप है कि उसके भाई का कोरोना संक्रमण का इलाज किया गया। जबकि मृत्यु प्रमाण पत्र में कोरोना से मृत्यु को छिपाते हुए हार्ट अटैक से मृत्यु लिखी गई है। उन्होंने कहा मेरी भाई की मृत्यु चिकित्सक की लापरवाही से हुई है। मृतक की एक पांच साल की छोटी बेटी है। मृत्यु का कारण दर्ज नहीं होने से पीड़ित परिवार को कोविड मृतकों के लिए योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।
डॉ.अरिन्जय से भी होगी पूछताछ
दमघोंटू मॉकड्रिल मामले में 10 शिकायतों की जांच शुरू हो गई है। सात मृतकों के परिजन हैं। तीन संस्थाओं की तरफ से प्रत्यावेदन हैं। जांच अधिकारी एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि जांच के दौरान चिकित्सक से पूछताछ होगी। वीडियो किसने बनाया। वीडियो में जो बातें कहीं गई हैं उनकी क्या सच्चाई है। मृतक रोगियों के परिजनों के बयान भी दर्ज होंगे। तीन चार दिन में जांच पूरी हो जाएगी।
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मैनपुरी के ओरंद गांव निवासी रमन सिंह ने बताया कि मेरे 33 वर्षीय छोटे भाई राजीव कुमार को बुखार था। सांस फूल रही थी। छह मई को मैनपुरी के एक अस्पताल में भर्ती किया। वहां से 7 मई को श्री पारस अस्पताल, भगवान टॉकीज पर रेफर कर दिया। चिकित्सक डॉ. अरिन्जय जैन ने कहा, कोविड है। एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट लिखित में नहीं दी। सीटी स्कैन कराया, उसमें सीवियर कोविड इन्फेक्शन रिपोर्ट आई। सीटी में फेफड़ों में संक्रमण के लिए रेमेडिसिविर इंजेक्शन मंगाए। 25 मई को मेरे भाई की मृत्यु हो गई। रमन सिंह का आरोप है कि उसके भाई का कोरोना संक्रमण का इलाज किया गया। जबकि मृत्यु प्रमाण पत्र में कोरोना से मृत्यु को छिपाते हुए हार्ट अटैक से मृत्यु लिखी गई है। उन्होंने कहा मेरी भाई की मृत्यु चिकित्सक की लापरवाही से हुई है। मृतक की एक पांच साल की छोटी बेटी है। मृत्यु का कारण दर्ज नहीं होने से पीड़ित परिवार को कोविड मृतकों के लिए योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा।
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डॉ.अरिन्जय से भी होगी पूछताछ
दमघोंटू मॉकड्रिल मामले में 10 शिकायतों की जांच शुरू हो गई है। सात मृतकों के परिजन हैं। तीन संस्थाओं की तरफ से प्रत्यावेदन हैं। जांच अधिकारी एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि जांच के दौरान चिकित्सक से पूछताछ होगी। वीडियो किसने बनाया। वीडियो में जो बातें कहीं गई हैं उनकी क्या सच्चाई है। मृतक रोगियों के परिजनों के बयान भी दर्ज होंगे। तीन चार दिन में जांच पूरी हो जाएगी।
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