Agra News: आंबेडकर पुल में फिर आई 4 इंच की दरार, 12 साल में 18 बार हो चुकी है मरम्मत
लिंटर में आई दरार और सरिया दिखने से इस पुल से निकलने वालों में दहशत है और किसी हादसे की आशंका है। वर्ष 2008 में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 30 करोड़ रुपये की लागत से सेतु निगम के जरिए आंबेडकर पुल का निर्माण कराया था।
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आगरा में हाथीघाट, यमुना किनारा रोड से एत्माद्दौला को जोड़ने वाले आंबेडकर पुल में एक बार फिर से दरार आ गई है। आरसीसी का लिंटर खुलने से कंक्रीट गिर गई और सरिया नजर आने लगी हैं। 4 इंच से ज्यादा बड़ी दरार और 12 इंच से ज्यादा सरिया दिखाई दे रही हैं। इस पुल से हर दिन 40 हजार से ज्यादा दोपहिया और चार पहिया वाहन निकलते हैं। लिंटर में आई दरार और सरिया दिखने से इस पुल से निकलने वालों में दहशत है और किसी हादसे की आशंका है।
वर्ष 2008 में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 30 करोड़ रुपये की लागत से सेतु निगम के जरिए आंबेडकर पुल का निर्माण कराया था। वॉटर वर्क्स पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में हल्के वाहनों की आवाजाही के लिए इसका निर्माण हुआ था। 2010 में इसे जनता के लिए खोल दिया गया, लेकिन आवागमन के लिए खुलते ही इसमें कमियां और दरारें आनी शुरू हो गई थीं।
18 बार हो चुकी मरम्मत, अब फिर क्षतिग्रस्त
पिछले 12 साल में 18 बार इस पुल की मरम्मत हो चुकी है। बुधवार को पुल पर आरसीसी क्षतिग्रस्त होने से एक्सपेंशन ज्वाइंट खुल गया। वाहनों की आवाजाही से गैप बढ़ रहा है। वर्ष 2020 में भी पुल के दो ज्वाइंट क्षतिग्रस्त हुए थे। तब 1.50 लाख रुपये मरम्मत पर खर्च हुए लेकिन पुल ठीक नहीं हो सका। अब फिर पुल में ज्वाइंट खुलने से राहगीरों को हादसे का डर सता रहा है।
पर्यटक करते हैं इस्तेमाल
-ताजमहल घूमने आने वाले पर्यटक इस पुल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। रामबाग चौराहा से एत्माद्दौला स्मारक होते हुए इस पुल पर होकर वाहन यमुना किनारा होकर आगरा किला और ताजमहल तक पर्यटक आते हैं। 18 पिलर पर खड़े इस पुल में 22 एक्सपेंशन ज्वाइंट हैं। जिनमें पांच ज्वाइंट में सरिया निकल आई हैं। 650 मीटर लंबा यह पुल स्ट्रेची ब्रिज का विकल्प बना है।
भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित
आंबेडकर पुल का निर्माण हल्के वाहनों के लिए हुआ था। भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है। इस पुल से रेलवे के मालगोदाम से सीमेंट, लोहे की ढुलाई होती है। ज्वाइंट खुलने के बाद पुल कमजोर हो गया है।
मरम्मत को भेज रहे टीम
पुल क्षतिग्रस्त होने की जानकारी नहीं है। एक्सपेंशन ज्वाइंट खुला होगा। कल टीम को भेजकर जांच कराई जाएगी। पुल की मरम्मत कराएंगे। मरम्मत के दौरान वाहनों का आवागमन रोकना पड़ेगा।
वेद प्रकाश, मुख्य परियोजना प्रबंधक, राज्य सेतु निगम
गुरुद्वारा गुरू का ताल पुल पर निकलीं सरिया
गुरुद्वारा गुरू का ताल पुल पर पत्थर घोड़ा की ओर ढलान पर दो जगह से सरिया निकल आई हैं। यहां तीन फुट चौड़ा और चार फुट लंबाई में कंक्रीट निकल गई हैं, जिसमें से चार सरिया बाहर की ओर दिखने लगी हैं। इसी तरह कैलाशपुरी की ओर ढलान पर दो जगह कंक्रीट टूटने से सरिया नजर आ रही हैं।