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आगरा न्यूज: जिला महिला अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट ठप, सिलिंडरों के भरोसे नवजातों की सांसें
Tue, 03 Nov 2026 12:29 PM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Tue, 03 Nov 2026 12:29 PM IST
सार
आगरा के जिला महिला अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट एक सप्ताह से खराब है, जिसके चलते अस्पताल में सिलिंडरों से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। नवजातों की सांसें बचाने के लिए 20 बड़े और 16 छोटे सिलिंडर मंगाए गए, जिन पर करीब 1.43 लाख रुपये खर्च हुए हैं।
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जिला महिला अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट ठप
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
जिला महिला अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से लगा ऑक्सीजन प्लांट पिछले एक सप्ताह से खराब है। प्लांट के ठप होने से पूरी व्यवस्था अब महंगे सिलेंडरों के भरोसे चलाई जा रही है।
अस्पताल में सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत नवजात शिशु गहन देखभाल इकाई (एसएनसीयू) वार्ड में पड़ती है। यहां लगभग 16 मशीनों के जरिये गंभीर नवजातों की सांसें बचाने के लिए लगातार ऑक्सीजन की जरूरत रहती है। स्थिति यह है कि महज एक सप्ताह के भीतर लगभग 20 बड़े और 16 छोटे सिलिंडर मंगाए जा चुके हैं। इनकी खरीद पर लगभग 1,43,000 रुपये खर्च हो चुके हैं। नवजात शिशुओं के अलावा सिजेरियन डिलीवरी और एनेस्थीसिया देने के दौरान भी मरीजों को लगातार ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। ऐसे में लाखों की लागत से लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट को ठीक कराने में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही मरीजों के जीवन पर संकट खड़ा कर सकती है।
ये है कीमत
अस्पताल में जरूरत के हिसाब से दो प्रकार के सिलिंडर का इस्तेमाल किया जाता है। 46.7 लीटर क्षमता वाला बड़ा जंबो, इसकी कीमत लगभग 8,000 से 10,000 रुपये (किट और रेगुलेटर के साथ 14,000 रुपये) होती है। इसका उपयोग एसएनसीयू, ऑपरेशन थिएटर और बैकअप के लिए किया जाता है। जबकि 10 लीटर क्षमता वाले छोटे सिलिंडर की कीमत 4,500 से 6,500 रुपये होती है। यह इमरजेंसी वार्ड और एंबुलेंस में मरीजों की शिफ्टिंग के दौरान काम आते हैं।
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जल्दी ठीक करवाएंगे
जिला महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पलता ने बताया कि प्लांट को जल्द ही ठीक करवा लिया जाएगा। मैकेनिक को बोल दिया गया है, जो प्लांट की मोटर निकालकर ले गया है और जल्द ही ऑक्सीजन आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
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अस्पताल में सबसे ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत नवजात शिशु गहन देखभाल इकाई (एसएनसीयू) वार्ड में पड़ती है। यहां लगभग 16 मशीनों के जरिये गंभीर नवजातों की सांसें बचाने के लिए लगातार ऑक्सीजन की जरूरत रहती है। स्थिति यह है कि महज एक सप्ताह के भीतर लगभग 20 बड़े और 16 छोटे सिलिंडर मंगाए जा चुके हैं। इनकी खरीद पर लगभग 1,43,000 रुपये खर्च हो चुके हैं। नवजात शिशुओं के अलावा सिजेरियन डिलीवरी और एनेस्थीसिया देने के दौरान भी मरीजों को लगातार ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। ऐसे में लाखों की लागत से लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट को ठीक कराने में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही मरीजों के जीवन पर संकट खड़ा कर सकती है।
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ये है कीमत
अस्पताल में जरूरत के हिसाब से दो प्रकार के सिलिंडर का इस्तेमाल किया जाता है। 46.7 लीटर क्षमता वाला बड़ा जंबो, इसकी कीमत लगभग 8,000 से 10,000 रुपये (किट और रेगुलेटर के साथ 14,000 रुपये) होती है। इसका उपयोग एसएनसीयू, ऑपरेशन थिएटर और बैकअप के लिए किया जाता है। जबकि 10 लीटर क्षमता वाले छोटे सिलिंडर की कीमत 4,500 से 6,500 रुपये होती है। यह इमरजेंसी वार्ड और एंबुलेंस में मरीजों की शिफ्टिंग के दौरान काम आते हैं।
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जल्दी ठीक करवाएंगे
जिला महिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पलता ने बताया कि प्लांट को जल्द ही ठीक करवा लिया जाएगा। मैकेनिक को बोल दिया गया है, जो प्लांट की मोटर निकालकर ले गया है और जल्द ही ऑक्सीजन आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।