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किनारी बाजार हादसा: सील तोड़कर चलता रहा अवैध निर्माण, इस तरह गिरी तीन मंजिला इमारत; 15 दिन बाद FIR दर्ज
Mon, 27 Apr 2026 10:18 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 27 Apr 2026 10:18 AM IST
सार
आगरा के किनारी बाजार में सील तोड़कर चल रहे अवैध निर्माण के कारण तीन मंजिला भवन गिरने के मामले में 15 दिन बाद FIR दर्ज की गई है। इस घटना में एडीए की लापरवाही और निर्माण रोकने के बावजूद काम जारी रहने पर गंभीर सवाल उठे हैं।
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सड़क पर गिरा मलबा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के कोतवाली थाना क्षेत्र के किनारी बाजार में सराफ का निर्माणाधीन भवन गिरने के मामले में 15 दिन बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। सराफ ने दो साल पहले लगी सील को तोड़कर निर्माण कार्य कराया था। उधर, अपनी ही कार्रवाई के बाद आगरा विकास प्राधिकरण के इंजीनियर और कर्मचारी सोते रहे। कई मंजिला भवन बनाने के बाद जब हादसा हुआ तो तहरीर के नाम पर खानापूर्ति की गई।
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बेलनगंज में माॅल निर्माण की वजह से बैंक का भवन गिरने का हादसा होने के बाद अधिकारियों पर सवाल उठने लगे हैं। तब कार्रवाई में तेजी आई है। इस मामले में भी अब प्राथमिकी दर्ज होने से लोग सवाल उठा रहे हैं। सीताराम कॉलोनी, बल्केश्वर निवासी मनीष बंसल का किनारी बाजार में तीन मंजिला शोरूम था। इस शोरूम के पीछे ही जमीन खरीदकर वह एक और भवन का निर्माण करा रहे थे। 9 अप्रैल की रात निर्माणाधीन भवन से पुराने भवन को जोड़ा जा रहा था। इसी दौरान हादसा हो गया।
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तीन मंजिला आगे वाला शोरूम ढह गया। बीच बाजार में रात में हादसा होने से कोई जनहानि नहीं हुई। यही दिन में होता तो कई जान जा सकती थी। इस मामले में बिल्डर और आगरा विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों की मिलीभगत सामने आई थी। निर्माण कार्य पर 27 अप्रैल, 2024 को सील लगाई गई थी, इसके बावजूद निर्माण होता रहा। 15 दिन में भी विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब बेलनगंज में बैंक की बिल्डिंग ढह गई, तब शनिवार को थाना कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
प्राथमिकी एडीए के अवर अभियंता भानु प्रताप सिंह ने दर्ज कराई है। आरोप लगाया कि सील लगाने के बाद भी सील तोड़कर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। यह एक अपराध है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास का कहना है कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। साक्ष्य संकलन कर कार्रवाई की जाएगी।