{"_id":"69eede6ad75f50fb0b0c7006","slug":"agra-balajipuram-road-collapse-and-leakage-issue-2026-04-27","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: 6 महीने में धंसा भ्रष्टाचार की सड़क, लीपापोती की तैयारी में थे अधिकारी; लोगों का विरोध देख उल्टे पांव लौटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: 6 महीने में धंसा भ्रष्टाचार की सड़क, लीपापोती की तैयारी में थे अधिकारी; लोगों का विरोध देख उल्टे पांव लौटे
Mon, 27 Apr 2026 09:26 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 27 Apr 2026 09:26 AM IST
सार
आगरा के बालाजीपुरम में छह महीने पहले बनी सड़क धंसने के बाद लीकेज की समस्या सामने आई, लेकिन जांच के बजाय अधिकारी मलबा भरकर मामला दबाने पहुंचे। स्थानीय लोगों और भाजपा नेता के विरोध के बाद काम रोकना पड़ा, अब लीकेज ठीक होने के बाद ही मरम्मत की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
ये है भ्रष्टाचार की सड़क, जो छह महीने में ही धंस गई
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के बालाजीपुरम में विकास के दावों की परतें छह महीने में ही उखड़ गईं। जीएल पब्लिक स्कूल के सामने धंसी सड़क के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की जांच के बजाय जिम्मेदार लीपापोती में जुट गए हैं। रविवार को माैके पर नगर निगम और जलकल की टीम पहुंची। जिम्मेदार गड्ढे में मलबा भर रहे थे, लेकिन क्षेत्रीय लोगों के विरोध के बाद टीम बैरिकेडिंग कर लौट गई।
विज्ञापन
अमर उजाला ने रविवार के अंक में छह माह में धंसी सड़क, उभरे भ्रष्टाचार के गड्ढे शीर्षक से खबर प्रकाशित की। रविवार सुबह करीब 10 बजे नगर निगम टीम लाव-लश्कर के साथ जीएल पब्लिक स्कूल के पास पहुंची। जेसीबी से गड्ढे में मलबा डालकर मामला रफा-दफा करने का प्रयास कर रही थी। सड़क के नीचे से या तो सीवर लाइन या फिर गंगाजल की पाइपलाइन का पानी तेजी से रिस रहा था। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निगम के अफसर सिर्फ अपनी गर्दन बचाने के लिए आनन-फानन में काम निपटाना चाहते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौके पर पहुंचे भाजपा नेता केके भारद्वाज ने निगम की इस कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने टीम से सख्त लहजे में कहा कि जब तक पानी की लीकेज बंद नहीं होती, तब तक गड्ढा भरना केवल सरकारी धन की बर्बादी होगी। उनके कड़े रुख को देख निगम की टीम ने काम रोक दिया और बैरिकेडिंग लगा दी। मौके पर मौजूद नगर निगम के जेई हरिओम सिंह ने कहा कि जब तक जलकल विभाग लीकेज दुरुस्त नहीं करता, तब तक सड़क की मरम्मत संभव नहीं है।
वहीं, जलकल के जेई आलम नवाज ने कहा कि बुधवार से मरम्मत का कार्य शुरू होगा। फिलहाल, गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग लगा दी गई है। स्थानीय निवासी अशोक सिंह का कहना है कि जलकल और नगर निगम के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। अगर समय रहते गहरी खुदाई कर लीकेज बंद नहीं की गई, तो पूरी सड़क धंस कर बर्बाद हो सकती है।