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Agra Accident: दिल्ली हाईवे का ये है खूनी कट..., आए दिन होते हैं हादसे; इस बार ली छह की जान
Sun, 03 Dec 2023 11:49 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 03 Dec 2023 11:49 AM IST
सार
आगरा-दिल्ली हाईवे पर गुरुद्वारा गुरु का ताल का ताल के पास के कट को खूनी कट कहा जाए, तो कोई बुराई नहीं है। यहां बीते दिन हुए सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो गई। इस कट पर शायद ही ऐसा कोई दिन जाता है, जब एक्सीडेंट नहीं होता है।
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कट पर हुआ हादसा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा-दिल्ली हाईवे (एनएच-19) पर गुरुद्वारा गुरु का ताल का ताल ऐसा ब्लैक स्पॉट हैं, जहां आए दिन हादसे होते हैं। कई लोग जान भी गवां चुके हैं। कट पर शुक्रवार की रात को भी दो कारों की भिड़ंत हुई थी। हाईवे अथॉरिटी ने कामायनी कट तो बंद कर दिया लेकिन सर्विस रोड पर गुरुद्वारे से लेकर वाटर वर्क्स तक जगह-जगह कट खुले छोड़ दिए हैं। सर्विस रोड पर तेजी से गाड़ियां हाईवे पर उतरती हैं, जिससे हादसे होते हैं।
एनएच-19 को सिक्सलेन करने का प्रोजेक्ट वर्ष 2012 में शुरू हुआ था। इसके बाद रुनकता से वाटर वर्क्स तक कट खुले हुए हैं। आए दिन इन कटों के कारण हादसे हो रहे हैं। हाईवे अथॉरिटी ने कामायनी, सिकंदरा थाने के सामने, कैलाश मंदिर के सामने के कट तो बंद करा दिए लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर सर्विस रोड से हाईवे पर खुलने वाले तीन कट खुले हुए हैं। वहीं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के सामने, गैलाना के सामने भी कट खुले हुए हैं। जब तेजी से हाईवे पर वाहन गुजरते हैं तो हादसों का खतरा बना रहता है। कई बार हादसे हो चुके हैं।
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एनएच-19 को सिक्सलेन करने का प्रोजेक्ट वर्ष 2012 में शुरू हुआ था। इसके बाद रुनकता से वाटर वर्क्स तक कट खुले हुए हैं। आए दिन इन कटों के कारण हादसे हो रहे हैं। हाईवे अथॉरिटी ने कामायनी, सिकंदरा थाने के सामने, कैलाश मंदिर के सामने के कट तो बंद करा दिए लेकिन ट्रांसपोर्ट नगर सर्विस रोड से हाईवे पर खुलने वाले तीन कट खुले हुए हैं। वहीं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के सामने, गैलाना के सामने भी कट खुले हुए हैं। जब तेजी से हाईवे पर वाहन गुजरते हैं तो हादसों का खतरा बना रहता है। कई बार हादसे हो चुके हैं।
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गुरुद्वारा कट से गुजरते हैं रोजाना 50 हजार वाहन
गुरुद्वारा गुरु का ताल सबसे व्यस्ततम कट है, जिस पर रोजाना तकरीबन 50 हजार वाहनों का आवागमन होता है। स्कूलों की छुट्टी के वक्त इस कट को पार करना खतरे से भरा होता है। कई बार भारी वाहनों को रोका नहीं जाता है और स्कूली वाहन क्रास करते हैं। यातायात पुलिस के जवान रात 9 बजे तक ही यहां तैनात रहते हैं। इसके बाद इस कट पर अराजकता के हालात बनते हैं। केवल त्योहारों के मौके पर ही यहां रात में यातायात पुलिस तैनात की जाती है।
ये भी पढ़ें - Agra Accident: इतनी भीषण टक्कर...चीख तक नहीं निकली, ऑटो से छिटक सड़क पर गिरी महिला; बच्चे का सिर कट गया
गुरुद्वारा गुरु का ताल सबसे व्यस्ततम कट है, जिस पर रोजाना तकरीबन 50 हजार वाहनों का आवागमन होता है। स्कूलों की छुट्टी के वक्त इस कट को पार करना खतरे से भरा होता है। कई बार भारी वाहनों को रोका नहीं जाता है और स्कूली वाहन क्रास करते हैं। यातायात पुलिस के जवान रात 9 बजे तक ही यहां तैनात रहते हैं। इसके बाद इस कट पर अराजकता के हालात बनते हैं। केवल त्योहारों के मौके पर ही यहां रात में यातायात पुलिस तैनात की जाती है।
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ये कहते हैं लोग
महर्षिपुरम के रहने वाले शिक्षक वेदप्रकाश कहते हैं कि इस कट का समाधान होना चाहिए। हाईवे अथॉरिटी ने एफओबी बनाया लेकिन वह किसी काम का नहीं है। पैदल राहगीर भी इसका इस्तेमाल नहीं करते हैं। आखिर एफओबी बनाया क्यों है, जबकि इससे दुपहिया वाहन भी नहीं गुजर सकते हैं। हाईवे अथॉरिटी ने दुपहिया वाहन वाली लेन को गर्डर लगाकर बंद कर रखा है। इससे कम से कम गुरुद्वारा कट पर दोपहिया वाहनों का दबाव तो कम होगा।
महर्षिपुरम के रहने वाले शिक्षक वेदप्रकाश कहते हैं कि इस कट का समाधान होना चाहिए। हाईवे अथॉरिटी ने एफओबी बनाया लेकिन वह किसी काम का नहीं है। पैदल राहगीर भी इसका इस्तेमाल नहीं करते हैं। आखिर एफओबी बनाया क्यों है, जबकि इससे दुपहिया वाहन भी नहीं गुजर सकते हैं। हाईवे अथॉरिटी ने दुपहिया वाहन वाली लेन को गर्डर लगाकर बंद कर रखा है। इससे कम से कम गुरुद्वारा कट पर दोपहिया वाहनों का दबाव तो कम होगा।