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सात साल बाद मिला बिछड़ा बेटा तो छलके आंसू
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घिरोर।
बिहार के सारन से करीब सात साल पहले माता-पिता से बिछड़ा बच्चा बृहस्पतिवार को मिल गया। थाना पुलिस ने जब बच्चे को माता पिता के सुपुर्द किया तो उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। घिरोर पुलिस व बच्चे की परवरिश करने वाले को धन्यवाद दिया।
बिहार के सारन जिला के गांव सेंमटी निवासी संतोष सिंह बृहस्पतिवार को पत्नी शिल्पी के साथ थाना घिरोर पहुंचे। बताया कि वह गुड़गांव की ऑटो कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर तैनात हैं। 16 अप्रैल 2015 को उनका साढ़े तीन वर्षीय पुत्र बिछड़ गया था। थाना खेड़कीदौला गुरुग्राम हरियाणा में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इस बीच थाना क्षेत्र के गांव बादशाहपुर निवासी कांती देवी की मुलाकात पत्नी शिल्पी से हुई। उन्होंने बताया कि गांव का रहने वाले देवेंद्र को सात साल पहले दिल्ली में एक बच्चा मिला था। तभी से वह उस बच्चे का पालन पोषण करता आ रहा है।
पुलिस ने देवेेंद्र को बच्चे के साथ थाना बुलाया और जानकारी ली। पता चला कि बच्चा संतोष सिंह का ही बिछड़ा हुआ बेटा है। इसके बाद पुलिस ने बच्चे को माता पिता के सुपुर्द किया। सात साल बाद बिछड़े बेटे को सीने से लगाकर माता पिता की आंखों से आंसू बह निकले। उन्होंने पुलिस व परवरिश करने वाले देवेंद्र को धन्यवाद दिया।
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बिहार के सारन से करीब सात साल पहले माता-पिता से बिछड़ा बच्चा बृहस्पतिवार को मिल गया। थाना पुलिस ने जब बच्चे को माता पिता के सुपुर्द किया तो उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। घिरोर पुलिस व बच्चे की परवरिश करने वाले को धन्यवाद दिया।
बिहार के सारन जिला के गांव सेंमटी निवासी संतोष सिंह बृहस्पतिवार को पत्नी शिल्पी के साथ थाना घिरोर पहुंचे। बताया कि वह गुड़गांव की ऑटो कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर तैनात हैं। 16 अप्रैल 2015 को उनका साढ़े तीन वर्षीय पुत्र बिछड़ गया था। थाना खेड़कीदौला गुरुग्राम हरियाणा में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इस बीच थाना क्षेत्र के गांव बादशाहपुर निवासी कांती देवी की मुलाकात पत्नी शिल्पी से हुई। उन्होंने बताया कि गांव का रहने वाले देवेंद्र को सात साल पहले दिल्ली में एक बच्चा मिला था। तभी से वह उस बच्चे का पालन पोषण करता आ रहा है।
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पुलिस ने देवेेंद्र को बच्चे के साथ थाना बुलाया और जानकारी ली। पता चला कि बच्चा संतोष सिंह का ही बिछड़ा हुआ बेटा है। इसके बाद पुलिस ने बच्चे को माता पिता के सुपुर्द किया। सात साल बाद बिछड़े बेटे को सीने से लगाकर माता पिता की आंखों से आंसू बह निकले। उन्होंने पुलिस व परवरिश करने वाले देवेंद्र को धन्यवाद दिया।
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