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अच्छी खबर: भूमि विवादों पर प्रशासन सख्त, अब प्रतिदिन होगी सुनवाई; पुलिस के साथ होगा निस्तारण

Wed, 15 Jul 2026 10:07 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Wed, 15 Jul 2026 10:07 AM IST
सार

अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में लंबित भूमि विवादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए। जिन मामलों में न्यायालय का स्थगनादेश नहीं है, उन्हें पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से सुलझाया जाएगा। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि केवल कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि धरातल पर वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।

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Administration Cracks Down on Land Disputes, Daily Hearings Ordered
आगरा कलेक्ट्रेट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आगरा मंडल में भूमि विवादों के प्रभावी और त्वरित निस्तारण के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई आईजीआरएस शिकायतों की मंडलीय समीक्षा बैठक में सभी नोडल अधिकारियों को लंबित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की अब प्रतिदिन सुनवाई कर उनका गुण-दोष के आधार पर निपटारा किया जाएगा।
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शासन के निर्देशों के क्रम में एक से 30 जून तक चले विशेष अभियान की प्रगति की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की गई। बैठक में आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के एडीएम व नोडल अधिकारी मौजूद रहे। अपर आयुक्त प्रशासन ने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक की शिकायतों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि जो विवाद प्रशासनिक स्तर पर सुलझाए जा सकते हैं, उनकी ग्रामवार सूची बनेगी। लेखपाल और कानूनगो को यह सूची देकर तहसीलदार स्तर से इसकी दैनिक समीक्षा की जाएगी।
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सार्वजनिक भूमि से जुड़े जिन प्रकरणों में न्यायालय का कोई स्थगनादेश नहीं है, उन्हें पुलिस की मदद से सुलझाया जाएगा। इसके लिए उप जिलाधिकारी (एसडीएम) और क्षेत्राधिकारी (सीओ या एसीपी) के संयुक्त हस्ताक्षर से सूची तैयार कर पुलिस अधीक्षक (एसपी) या उपायुक्त को भेजी जाएगी।

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आगरा में 725 मामले वर्षों से लंबित
राजस्व न्यायालयों में सर्वाधिक 725 मामले आगरा में लंबित हैं, जबकि मथुरा में मात्र 17 मामले हैं (फिरोजाबाद 567, मैनपुरी 415)। वहीं, सिविल कोर्ट के मामलों में फिरोजाबाद (410) शीर्ष पर है। आगरा में 141, मैनपुरी में 260 और मथुरा में केवल 5 मामले लंबित हैं।

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कागजों में नहीं, धरातल पर चाहिए निस्तारण
अपर आयुक्त प्रशासन राजेश कुमार ने बताया कि अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे। सिविल मामलों की पैरवी डीजीसी (राजस्व) के माध्यम से डीएम स्तर से कराई जाए। सख्त निर्देश हैं कि धरातल पर वास्तविक समाधान सुनिश्चित होने के उपरांत ही उसकी आख्या आईजीआरएस पोर्टल पर अपलोड की जाए।

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