आगरा: छापे पड़े तो पंजीकरण कराने दौड़े आरओ प्लांट संचालक, सबमर्सिबल पंजीकरण में किसान आगे, उद्यमी पीछे
बिना अनुमति और पंजीकरण कराए भूगर्भ जल से आरओ प्लांट का संचालन करने वालों पर जब प्रशासन और भूगर्भ जल विभाग की टीम ने छापा मारा तो शुक्रवार को भूगर्भ जल विभाग के जयपुर हाउस स्थित कार्यालय पर प्लांट संचालक पहुंच गए। उन्होंने पहले छापों का विरोध किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाताल से पानी निकालने के लिए सबमर्सिबल पंप का पंजीकरण कराने में ताजनगरी के किसान काफी आगे हैं। अपने खेतों, घरों में बोरिंग कराने के लिए किसान भूगर्भ जल विभाग में पंजीकरण करा रहे हैं। अब तक 100 से ज्यादा किसान पंजीकरण करा चुके हैं, जबकि 70 की प्रक्रिया चल रही है।
वहीं दूसरी ओर शहर में 12 हजार से ज्यादा औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों में से केवल पांच ने ही भूगर्भ जल निकासी के लिए पंजीकरण कराया है, जबकि इनके लिए भूगर्भ जल का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल प्रबंधन एवं विनियमन अधिनियम 2019 के मुताबिक क्रिटिकल क्षेत्रों में आरओ प्लांट या व्यावसायिक उपयोग के लिए बोरिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी। आगरा के 11 ब्लॉक अतिदोहित की श्रेणी में हैं।
भूगर्भ जल की निकासी पर नियंत्रण के लिए बनाए गए कानून की जानकारी किसानों को है और वह इस मामले में शहरी क्षेत्र के लोगों से ज्यादा जागरूक हैं। शहर में 650 से ज्यादा होटल, 600 रेस्टोरेंट, 7500 औद्योगिक इकाइयां, 4 हजार से ज्यादा अस्पताल, 450 से ज्यादा बहुमंजिला इमारतें हैं, जिनके लिए सबमर्सिबल पंप के लिए एनओसी लेकर पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। इनमें से महज 5 व्यावसायिक इकाइयों ने ही पंजीकरण कराया है। इनसे आगे किसान हैं, जिन्होंने खेतों में सबमर्सिबल पंप लगाने के लिए अप्रैल से ही आवेदन शुरू कर दिए थे। अब तक 100 किसानों के पंजीकरण हो चुके हैं, जबकि 70 इस माह के अंत तक और हो जाएंगे।
छापे पड़े तो पंजीकरण कराने दौड़े आरओ प्लांट संचालक
बिना अनुमति और पंजीकरण कराए भूगर्भ जल से आरओ प्लांट का संचालन करने वालों पर जब प्रशासन और भूगर्भ जल विभाग की टीम ने छापा मारा तो शुक्रवार को भूगर्भ जल विभाग के जयपुर हाउस स्थित कार्यालय पर प्लांट संचालक पहुंच गए। उन्होंने पहले छापों का विरोध किया। जीवनी मंडी, रामबाग, बल्केश्वर, आवास विकास कॉलोनी, राजपुर चुंगी, बोदला, शाहगंज, जयपुर हाउस, लोहामंडी क्षेत्र से आरओ प्लांट संचालकों ने दोपहर में जाकर विभाग पर हंगामा किया। प्लांट संचालकों की शिकायत थी कि बृहस्पतिवार को छापे से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया। भूगर्भ जल विभाग ने उन्हें बताया कि पंजीकरण के लिए लगातार सूचनाएं प्रकाशित कराई जा रही हैं। घरेलू और किसानों को पंजीकरण कराना होगा, जबकि कॉमर्शियल और औद्योगिक श्रेणी में 5000 रुपये जमा करने के बाद एनओसी लेकर पंजीकरण कराना होगा। क्रिटिकल ब्लॉक में व्यावसायिक बोरिंग को अनुमति नहीं दी जाएगी। प्लांट संचालक नितिन सिंह, शुभम प्रजापति, राहुल उपाध्याय ने छापों पर आपत्ति जताई और कहा कि अचानक कार्रवाई करने से प्लांट बंद हो जाएंगे तो यमुनापार की सप्लाई कैसे होगी। टेढ़ी बगिया, रामबाग, ट्रांसयमुना, शाहदरा क्षेत्र में आरओ प्लांट से ही लोग पीने का पानी खरीदते हैं।
अवैध आरओ प्लांट पर की कार्रवाई
जिन आरओ प्लांट पर छापे मारे हैं, वह अवैध हैं। इनमें से किसी ने पंजीकरण नहीं कराया। हम लगातार कह रहे हैं कि सबमर्सिबल पंप का पंजीकरण कराएं। जो नियम हैं, उसका पालन करें। किसानों द्वारा पंजीकरण के लिए आवेदन लगातार आ रहे हैं, पर शहर में होटल, अस्पताल, इंडस्ट्री, सर्विस सेंटर, आरओ प्लांट से आवेदन न के बराबर हैं। - नम्रता जायसवाल, असिस्टेंट जियोफिजिसिस्ट, भूगर्भ जल विभाग
हर घर पानी पहुंचाना सरकार की जिम्मेदारी
आरओ प्लांट पर टास्कफोर्स की कार्रवाई तब तक नहीं होनी चाहिए, जब तक घर-घर में पानी न पहुंचा दिया जाए। सरकार की जिम्मेदारी है कि हर घर को पानी मिले, पर ये प्लांट बंद हो जाएंगे तो पीने का पानी कहां से आएगा। आगरा के 55 फीसदी हिस्से में पाइपलाइन नहीं है। - बृजेश पंडित, अध्यक्ष, संकल्प संस्था
प्लांट से पानी खरीदकर काम चला रहे लोग
पानी की लाइन नहीं है तो लोग इन प्लांट से पानी खरीदकर काम चला रहे हैं, लेकिन टास्कफोर्स की कार्रवाई गलत है। फेडरेशन इस कार्रवाई का विरोध करती है। आरओ प्लांट बंद करने से पहले हर घर तक नल से जल उपलब्ध कराया जाए। - हरेश अग्रवाल, अध्यक्ष, फेडरेशन आफ व्यापार मंडल
अवैध भूजल दोहन पर कार्रवाई: आगरा में सील छह आरओ वॉटर प्लांट, दोबारा चालू करने पर होगी एफआईआर