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कोरोना टीका का विरोध करने वालों को चिह्नित करेंगी आशाएं
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मैनपुरी। कोरोना महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। हालांकि कुछ अज्ञानतावश टीकाकरण का विरोध कर रहे हैं। अब ऐसे परिवारों को आशाएं चिह्नित कर उन्हें जागरूक करेंगी। उनकी सूची स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी भेजी जाएगी।
कोरोना का टीका आने के बाद अधिक से अधिक लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में 60 वर्ष की आयु से अधिक उम्र के लोगों और 50 वर्ष से कम उम्र के असाध्य बीमारी से पीड़ितों का टीकारण किया जा रहा है। हालांकि कुछ लोग टीकाकरण का विरोध कर रहे हैं। अब कोरोना टीका के प्रति लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग ने आशाओं को सौंपी है।
कुल 1761 आशा बहुओं को क्षेत्र में जाकर लोगों को कोरोना टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के लिए कहा गया है। ये आशाएं टीकाकरण का विरोध करने वालों को भी चिह्नित करेंगी। इसके बाद आशाएं विरोध करने वालों की सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराएंगी।
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ऐसे परिवारों को स्वास्थ्य विभाग एक विशेष टीम भेजकर कोरोना टीकाकरण के बारे में समझाएगा। इस दौरान उनके मन में टीकाकरण के प्रति उत्पन्न भ्रांतियों को भी दूर किया जाएगा। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी ने आदेश जारी कर दिया है। संबंधित चिकित्साधिकारियों को अभियान की मॉनीटरिंग का जिम्मा भी सौंपा गया है।
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नहीं की जाएगी कोई जबरदस्ती
कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण नहीं कराने वाले लोगों को समझाने का हर संभव प्रयास करेगा। इसके बाद भी यदि वे टीकाकरण के लिए राजी नहीं होते हैं तो उनसे जबरदस्ती नहीं की जाएगी।
सीएमओ ने बताया कि टीकाकरण पूरी तरह से ऐच्छिक है। केवल लोगों को स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
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कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। इसके लिए आशा के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ऐसे परिवार, जो टीकाकरण का विरोध कर रहे हैं, को स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर समझाया जाएगा।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ।
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कोरोना का टीका आने के बाद अधिक से अधिक लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में 60 वर्ष की आयु से अधिक उम्र के लोगों और 50 वर्ष से कम उम्र के असाध्य बीमारी से पीड़ितों का टीकारण किया जा रहा है। हालांकि कुछ लोग टीकाकरण का विरोध कर रहे हैं। अब कोरोना टीका के प्रति लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग ने आशाओं को सौंपी है।
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कुल 1761 आशा बहुओं को क्षेत्र में जाकर लोगों को कोरोना टीकाकरण के प्रति जागरूक करने के लिए कहा गया है। ये आशाएं टीकाकरण का विरोध करने वालों को भी चिह्नित करेंगी। इसके बाद आशाएं विरोध करने वालों की सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराएंगी।
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ऐसे परिवारों को स्वास्थ्य विभाग एक विशेष टीम भेजकर कोरोना टीकाकरण के बारे में समझाएगा। इस दौरान उनके मन में टीकाकरण के प्रति उत्पन्न भ्रांतियों को भी दूर किया जाएगा। इसके लिए मुख्य चिकित्साधिकारी ने आदेश जारी कर दिया है। संबंधित चिकित्साधिकारियों को अभियान की मॉनीटरिंग का जिम्मा भी सौंपा गया है।
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नहीं की जाएगी कोई जबरदस्ती
कोरोना से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण नहीं कराने वाले लोगों को समझाने का हर संभव प्रयास करेगा। इसके बाद भी यदि वे टीकाकरण के लिए राजी नहीं होते हैं तो उनसे जबरदस्ती नहीं की जाएगी।
सीएमओ ने बताया कि टीकाकरण पूरी तरह से ऐच्छिक है। केवल लोगों को स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
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कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। इसके लिए आशा के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। ऐसे परिवार, जो टीकाकरण का विरोध कर रहे हैं, को स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर समझाया जाएगा।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ।