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Agra News: शौरीपुर में आकार ले रहा 41 फीट ऊंचा गिरनार पर्वत का मॉडल
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आकार ले रहा गिरनार पर्वत का मॉडल
बाह। महाभारतकालीन नगरी शौरीपुर 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ की जन्म कल्याणक भूमि है। यहां पर भगवान नेमिनाथ का दिव्य मंदिर बना हुआ है। गुजरात के जूनागढ़ स्थित गिरनार पर्वत पर भगवान नेमिनाथ सर्वोच्च ज्ञान एवं मोक्ष पाए थे। इसी गिरनार पर्वत का शौरीपुर में 41 फीट ऊंचा मॉडल तैयार हो रहा है। जिससे भगवान कृष्ण के चचेरे भाई भगवान नेमिनाथ की दिव्यता और भी बढ़ जाएगी।
श्वेतांबर तीर्थ मंदिर आगरा के प्रवक्ता विनीत गोलेच्छा ने बताया कि 10 फरवरी को गिरनार पर्वत मॉडल का प्रतिष्ठा उत्सव मनाया जाएगा। बटेश्वर से तीन किमी दूर यमुना के बीहड़ में सूरसेन ने महाभारतकालीन नगर शौरीपुर बसाया था। उनके बेटे अंधक वृष्णि के पुत्र समुद्र विजय थे। समुद्र विजय की रानी शिवा के गर्भ से 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ का जन्म हुआ था। समुद्र विजय के भाई बासुदेव के बेटे श्रीकृष्ण थे। जूनागढ़ के राजा उग्रसेन की बेटी से भगवान नेमिनाथ का विवाह तय हुआ था। विवाह के लिए जाते समय मूक पशुओं के करूण रुदन से दुखी होकर भगवान नेमीनाथ कंकन बंधन तोड़कर गिरनार पर्वत पर पहुंचे। जहां उन्हें सर्वोच्च ज्ञान एवं मोक्ष को प्राप्त हुआ। श्वेतांबर जैन मंदिर आगरा के प्रवक्ता ने बताया कि भगवान नेमिनाथ का भव्य एवं दिव्य मंदिर बनवाने के बाद गिरनार पर्वत के मॉडल का संकल्प लिया गया था। 41 फीट ऊंचे मॉडल का निर्माण कार्य चल रहा है। 10 फरवरी को निर्माण की प्रतिष्ठा का महोत्सव मनाया जाएगा। जिसकी तैयारियां चल रही हैं।
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श्वेतांबर तीर्थ मंदिर आगरा के प्रवक्ता विनीत गोलेच्छा ने बताया कि 10 फरवरी को गिरनार पर्वत मॉडल का प्रतिष्ठा उत्सव मनाया जाएगा। बटेश्वर से तीन किमी दूर यमुना के बीहड़ में सूरसेन ने महाभारतकालीन नगर शौरीपुर बसाया था। उनके बेटे अंधक वृष्णि के पुत्र समुद्र विजय थे। समुद्र विजय की रानी शिवा के गर्भ से 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ का जन्म हुआ था। समुद्र विजय के भाई बासुदेव के बेटे श्रीकृष्ण थे। जूनागढ़ के राजा उग्रसेन की बेटी से भगवान नेमिनाथ का विवाह तय हुआ था। विवाह के लिए जाते समय मूक पशुओं के करूण रुदन से दुखी होकर भगवान नेमीनाथ कंकन बंधन तोड़कर गिरनार पर्वत पर पहुंचे। जहां उन्हें सर्वोच्च ज्ञान एवं मोक्ष को प्राप्त हुआ। श्वेतांबर जैन मंदिर आगरा के प्रवक्ता ने बताया कि भगवान नेमिनाथ का भव्य एवं दिव्य मंदिर बनवाने के बाद गिरनार पर्वत के मॉडल का संकल्प लिया गया था। 41 फीट ऊंचे मॉडल का निर्माण कार्य चल रहा है। 10 फरवरी को निर्माण की प्रतिष्ठा का महोत्सव मनाया जाएगा। जिसकी तैयारियां चल रही हैं।
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