{"_id":"3-49027","slug":"Agra-49027-3","type":"story","status":"publish","title_hn":"यमुना में प्रदूषण देख चढ़ा कमिश्नर का पारा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यमुना में प्रदूषण देख चढ़ा कमिश्नर का पारा
Agra
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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आगरा। यमुना में बढ़ते प्रदूषण और शहर में खड़ी हो रही पेयजल किल्लत को देखते हुए बुधवार को मंडलायुक्त ने जलकल विभाग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यमुना प्रदूषण पर नाराजगी जताई। साथ ही आगरा से दिल्ली के बीच फैक्ट्रियों पर छापे के निर्देश दिए।
बुधवार को मंडलायुक्त मंजीत सिंह ने जीएम जलकल आलोक शर्मा, अपर नगर आयुक्त केपी त्रिपाठी, सचिव राजेंद्र आर्य और जल निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ जलकल विभाग पहुंचे। यहां काला पानी देखकर मंडलायुक्त का पारा चढ़ गया। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। जलकल विभाग के अधिकारियों ने प्रदूषण का कारण इंडस्ट्रियल वेस्ट बताते हुए जल शोधन में आ रही परेशानी की बात कही। इस पर मंडलायुक्त ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश जारी किए आगरा से लेकर दिल्ली तक के बीच जो फैक्ट्रियां नदी को प्रदूषित कर रही हैं उनके खिलाफ कार्रवाई हो। इसके लिए टीम बनाकर छापेमारी की जाए।
गौरतलब है कि दीपावली से पहले से ही यमुना जल दूषित हो चुका है। इस बीच तीन चार दिन पानी ठीक हुआ था उसके बाद हालात और खराब हो गए। वर्तमान में यमुना का पानी एकदम काला है। लहर बनने पर इसमें सफेद झाग हो जाता हैं। ‘अमर उजाला’ ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित भी किया है। जलकल विभाग के अफसरों ने आलाधिकारियों को पत्र लिखकर खतरे से अवगत कर दिया था। उनका कहना था कि यदि यही हालात रहे तो आगे शहर में पानी की सप्लाई करना मुश्किल हो जाएगा।
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बुधवार को मंडलायुक्त मंजीत सिंह ने जीएम जलकल आलोक शर्मा, अपर नगर आयुक्त केपी त्रिपाठी, सचिव राजेंद्र आर्य और जल निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के साथ जलकल विभाग पहुंचे। यहां काला पानी देखकर मंडलायुक्त का पारा चढ़ गया। उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। जलकल विभाग के अधिकारियों ने प्रदूषण का कारण इंडस्ट्रियल वेस्ट बताते हुए जल शोधन में आ रही परेशानी की बात कही। इस पर मंडलायुक्त ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश जारी किए आगरा से लेकर दिल्ली तक के बीच जो फैक्ट्रियां नदी को प्रदूषित कर रही हैं उनके खिलाफ कार्रवाई हो। इसके लिए टीम बनाकर छापेमारी की जाए।
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गौरतलब है कि दीपावली से पहले से ही यमुना जल दूषित हो चुका है। इस बीच तीन चार दिन पानी ठीक हुआ था उसके बाद हालात और खराब हो गए। वर्तमान में यमुना का पानी एकदम काला है। लहर बनने पर इसमें सफेद झाग हो जाता हैं। ‘अमर उजाला’ ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित भी किया है। जलकल विभाग के अफसरों ने आलाधिकारियों को पत्र लिखकर खतरे से अवगत कर दिया था। उनका कहना था कि यदि यही हालात रहे तो आगे शहर में पानी की सप्लाई करना मुश्किल हो जाएगा।
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