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वोटों की गणित ने भुट्टों को पहुंचाया फीरोजाबाद
Agra
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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आगरा। विधानसभा चुनाव में मुस्लिम वोटों के बंटवारे से हार का मुंह देखने वाले जुल्फिकार अहमद भु्ट्टो को बसपा ने वोटों की गणित की चलते फीरोजाबाद लोकसभा सीट का टिकट दिया है। बसपा के दलित और मुस्लिम वोटों के सहारे प्रतिद्वंद्वी को चुनौती देने की इस रणनीति से विरोधी खेमों में हलचल है।
वर्ष 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में छावनी विधानसभा सीट से जीतने वाले भुट्टो नए परिसीमन में दक्षिण विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे। 67 हजार मुस्लिम वोट और 35 हजार दलित वोटों के सहारे जीत की रणनीति बना रहे भुट्टो को भाजपा के योगेंद्र उपाध्याय ने करारी शिकस्त दी थी। ऐसा मुस्लिम मतों के बंटवारे के कारण हुआ। यहां से सपा, कांग्रेस, राष्ट्रीय समानता दल द्वारा मुस्लिम प्रत्याशी उतारने से योगेंद्र के पक्ष में मामला एकतरफा रहा था। अब बसपा इसी गणित के साथ फीरोजाबाद में दांव लगा रही है। यहां पर करीब दो लाख मुस्लिम मतदाता और दो लाख दलित मतदाता हैं। सूत्रों की मानें तो विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद लोकसभा चुनाव के लिए भुट्टो के नाम को पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कारण समर्थन मिला और उन्हें टिकट मिल गई। भुट्टो का कहना है कि विधानसभा चुनाव में सभी दलों ने मिलकर उन्हें हराया था। इस बार मतों का विभाजन नहीं होगा। टीम अभी से जुट रही है।
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वर्ष 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में छावनी विधानसभा सीट से जीतने वाले भुट्टो नए परिसीमन में दक्षिण विधानसभा सीट से चुनाव लड़े थे। 67 हजार मुस्लिम वोट और 35 हजार दलित वोटों के सहारे जीत की रणनीति बना रहे भुट्टो को भाजपा के योगेंद्र उपाध्याय ने करारी शिकस्त दी थी। ऐसा मुस्लिम मतों के बंटवारे के कारण हुआ। यहां से सपा, कांग्रेस, राष्ट्रीय समानता दल द्वारा मुस्लिम प्रत्याशी उतारने से योगेंद्र के पक्ष में मामला एकतरफा रहा था। अब बसपा इसी गणित के साथ फीरोजाबाद में दांव लगा रही है। यहां पर करीब दो लाख मुस्लिम मतदाता और दो लाख दलित मतदाता हैं। सूत्रों की मानें तो विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद लोकसभा चुनाव के लिए भुट्टो के नाम को पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के कारण समर्थन मिला और उन्हें टिकट मिल गई। भुट्टो का कहना है कि विधानसभा चुनाव में सभी दलों ने मिलकर उन्हें हराया था। इस बार मतों का विभाजन नहीं होगा। टीम अभी से जुट रही है।
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