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सड़कों के गड्ढों में हिचकोले खाती मतदाताओं की चौपाल

Wed, 17 Apr 2019 11:33 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 17 Apr 2019 11:33 PM IST
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सड़कों के गड्ढों में हिचकोले खाती मतदाताओं की चौपाल
तीन वर्षों से बदहाल पड़ा लोहाघाट का शंखपाल-बटोली सड़क मार्ग। - फोटो : अमर उजाला
एटा। सड़कों के गड्ढों में हिचकोले खाती एटा लोकसभा क्षेत्रों के मतदाताओं की चौपाल आगरा रोड स्थित चुंगी पर जमीं। इस चौपाल में बात जिले के विकास को लेकर हुई। लोग संतुष्ट नहीं थे लेकिन मतदान करने को आतुर थे। यहां पर अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में लोग बोले कौन नहीं जानता, विकास कार्यों की क्या दशा है। जब बात विकास की हुई तो लोगों ने जिले के तमाम सड़कें गिना डालीं, जिनसे निकलना दूभर है। शहर का उदाहरण दिया गया जिसमें ठंड़ी सड़क, मेहता पार्क रोड, कटरा मोहल्ला रोड, सुभाष पूर्ति, शांती नगर की सड़कें, वर्मा नगर की गलियों की दुर्दशा पर भी चर्चा हुई। मुख्य मार्ग जीटी रोड बरसों से टूटा पड़ा है जिसके गड्ढे हजार बार भरे गए लेकिन भरे अब तक नहीं है और वाहन हिचकोले खाए बिना नहीं निकल सकते। अब मतदान की तारीख पास आ रही है तो सभी विकास को आगे रख सोच समझकर वोट करने को कह रहे हैं।
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प्रकाश चंद्र ने कहा कि जिले का तीन लोकसभा क्षेत्रों से सांसद नेतृत्व करते हैं लेकिन एक भी संसदीय क्षेत्र ऐसा नहीं है जहां पर सड़कों की हालत संतोषजनक पाए जाए।
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सुरेश चंद्र ने कहा कि अगर लोकसभा क्षेत्रों की होती है तो मतदान करने में कोई पीछे नहीं रहता है। नेताओं से बड़ी उम्मीदें की जाती हैं लेकिन विकास के नाम पर ठेंगा दिखा दिया जाता है।
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बलवीर सिंह ने कहा कि आम जनता को नेताओं से कुछ खास उम्मीदें नहीं होती हैं लेकिन विकास के नाम पर सड़क जरूर मांगते हैं। अगर यह नहीं मिलती है तो मतदाता खुद को ठगा सा महसूस करता है।
अवधेश यादव ने कहा कि जब भी चुनाव आते हैं सभी दलों के नेता लुभावने वायदे तो करते हैं लेकिन जीतने के बाद पांच सालों तक कोई मुड़कर नहीं आता है। इससे लोकतंत्र की छवि पर दाग लगता है।
वीरेंद्र पाल सिंह ने कहा कि हम लोग जिले की बात अगर छोड़ भी दें तो शहर की सड़कों को ही देख लिया जाए। इनसे निकलना ही मुश्किल नहीं है कई बार हादसे भी हो चुके हैं।
उदयवीर सिंह ने कहा कि शहर की नवीन कालोनियों में शुमार संजय नगर और वर्मा नगर की गलियों की हालत किसी से छिपी नहीं है। पांच साल में एक भी बार नेताओं ने यहां पर आकर नहीं देखा कि लोग कैसे गुजरते हैं।
सतीश कुमार ने कहा कि बेहतर सड़क और रास्ते लोगों की जरूरत है, अगर नेताओं ने इनको पूरा नहीं किया तो कुछ नहीं किया। यह प्राथमिकता में शामिल होने चाहिए ताकि लोगों की जिंदगियां सुरक्षित रह सके।

संतोष यादव ने कहा कि मतदाता बहुत सोच समझकर मतदान करने पर विचार कर रहा है। इस बार किसी के दवाब में मतदान होता नहीं दिख रहा है। लोग काफी जागरूक हो चुके हैं और विकास ही मुद्दा बना हुआ है।
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