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गुदना गुदवा लेउ गुइयां नई नई चाल के...
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मैनपुरी-बेवर। शहीद मेले में लोकगीत कार्यक्रम हुआ। बुंदेलखंडी लोकगीतों के साथ विभिन्न क्षेत्रों की बोलियों के लोकगीत सुनाकर लोकगीत गायक देशराज पटेरिया ने रंग जमा दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ एडिशनल कमिश्नर इनकम टैक्स गयासुद्दीन अंसारी, विशिष्ट अतिथि डॉक्टर अनुपम द्विवेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संयोजक प्रदेश महासचिव व्यापार प्रकोष्ठ कांग्रेस के मुकेश शुक्ला ने अतिथियों का सम्मान किया। शुभारंभ मां वाणी की वंदना से हुआ।
कार्यक्रम के दौरान लोकगीत गायक देशराज पटेरिया ने शहीदों को नमन करते हुए अपने लोकगीतों की शुरुआत की। उन्होंने ‘गुदना गुदवा लेउ गुइयां नई नई चाल के।’ ‘उठो घना बोल गओ मगरे पै कउआ, लगत तोहरे मायके से आए गए लिवउआ।’ ‘जो हतो नाई तुमाए घर खाएबै का, तो काहे गए थे झक मार के लिवाइबे का।’ ‘मैं कैसे अकेली जाऊं भादों की रतिया’ में गीत सुनाए। लोकगीत गायक सतीश यादव, गायिका गीता कुशवाहा, मोहन लाल यादव ने भी लोकगीत प्रस्तुत किए। इस मौके पर मेला प्रबंधक राज त्रिपाठी, श्याम लाल शर्मा, प्रशांत मिश्रा, फौजिया तबस्सुम, किशन दुबे, राहुल कठेरिया, गोपाल कुलश्रेष्ठ, सफी मंसूरी, उमेश राठौर मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के दौरान लोकगीत गायक देशराज पटेरिया ने शहीदों को नमन करते हुए अपने लोकगीतों की शुरुआत की। उन्होंने ‘गुदना गुदवा लेउ गुइयां नई नई चाल के।’ ‘उठो घना बोल गओ मगरे पै कउआ, लगत तोहरे मायके से आए गए लिवउआ।’ ‘जो हतो नाई तुमाए घर खाएबै का, तो काहे गए थे झक मार के लिवाइबे का।’ ‘मैं कैसे अकेली जाऊं भादों की रतिया’ में गीत सुनाए। लोकगीत गायक सतीश यादव, गायिका गीता कुशवाहा, मोहन लाल यादव ने भी लोकगीत प्रस्तुत किए। इस मौके पर मेला प्रबंधक राज त्रिपाठी, श्याम लाल शर्मा, प्रशांत मिश्रा, फौजिया तबस्सुम, किशन दुबे, राहुल कठेरिया, गोपाल कुलश्रेष्ठ, सफी मंसूरी, उमेश राठौर मौजूद रहे।
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