{"_id":"5a8320e04f1c1b9f268b9cde","slug":"91518543072-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आर्थिक तंगी से परेशान शिक्षामित्र ने दी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आर्थिक तंगी से परेशान शिक्षामित्र ने दी जान
Updated Tue, 13 Feb 2018 11:11 PM IST
विज्ञापन
आर्थिक तंगी से परेशान शिक्षामित्र ने फांसी लगाकर दी जान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवागढ़। आर्थिक तंगी से परेशान शिक्षामित्र मनमोहन सिंह ने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दी। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वही घटना के बाद शिक्षामित्र संघ में आक्रोश है।
थाना नया गांव क्षेत्र के सराय अगहत निवासी मनमोहन सिंह (35) पुत्र पूरन सिंह शिक्षामित्र था। वर्तमान में वह अवागढ़ क्षेत्र के ओनेरा प्राथमिक विद्यालय पर तैनात था। घर से विद्यालय दूर होने के कारण शिक्षामित्र मनमोहन कस्बा अवागढ़ में किराये पर रहता था। सोमवार देर शाम मनमोहन ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर रस्सी से फांसी का फंदा बनाकर जान दे दी।
घटना की जानकारी पर आसपास के लोगों ने पुलिस और परिवारीजनों को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शिक्षामित्र ने सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी से परेशान होने की बात कही है। नोट में उसने परिवारीजनों से एरियर और मानदेय मिलने पर कर्जदारों को उधारी चुकाने के लिए भी लिखा है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में मौजूद परिवारीजनों और शिक्षामित्रों ने बताया कि मृतक को करीब पांच माह से एरियर और मानदेय नहीं मिला था। इससे वह परेशान था। उसने संबंधित अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी थी। घटना के बाद शिक्षामित्र संघ के लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
विज्ञापन
थाना नया गांव क्षेत्र के सराय अगहत निवासी मनमोहन सिंह (35) पुत्र पूरन सिंह शिक्षामित्र था। वर्तमान में वह अवागढ़ क्षेत्र के ओनेरा प्राथमिक विद्यालय पर तैनात था। घर से विद्यालय दूर होने के कारण शिक्षामित्र मनमोहन कस्बा अवागढ़ में किराये पर रहता था। सोमवार देर शाम मनमोहन ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर रस्सी से फांसी का फंदा बनाकर जान दे दी।
विज्ञापन
घटना की जानकारी पर आसपास के लोगों ने पुलिस और परिवारीजनों को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शिक्षामित्र ने सुसाइड नोट में आर्थिक तंगी से परेशान होने की बात कही है। नोट में उसने परिवारीजनों से एरियर और मानदेय मिलने पर कर्जदारों को उधारी चुकाने के लिए भी लिखा है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में मौजूद परिवारीजनों और शिक्षामित्रों ने बताया कि मृतक को करीब पांच माह से एरियर और मानदेय नहीं मिला था। इससे वह परेशान था। उसने संबंधित अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी थी। घटना के बाद शिक्षामित्र संघ के लोगों में आक्रोश व्याप्त है।