{"_id":"5988a7834f1c1b090f8b46a4","slug":"91502128003-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोडवेज के अफसरों के दावों की खुली पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोडवेज के अफसरों के दावों की खुली पोल
Updated Mon, 07 Aug 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
टेंपों पर ऐसे जानलेवा सफर की रही मजबूरी
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। रक्षाबंधन पर बेहतर परिवहन सुविधा मुहैया कराने के निगम के दावे फिर हवाई ही निकले। आलम यह रहा कि ज्यादातर मार्गों पर लोगों को वाहनों के लिए भटकना पड़ा। रोडवेज बसों की कमी के चलते डग्गामार वाहनों ने जमकर चांदी काटी।
परिवहन निगम ने दावा किया था कि रक्षाबंधन पर सभी चालकों और परिचालकों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। पर त्योहार के दिन निगम के सारे दावों की पोल खुल गई।
बस अड्डे से लेकर सभी मार्गों पर लोग वाहनों के लिए परेशान नजर आए। वहीं जो बसें आती भी थीं, उनमें इतनी भीड़ रहती थी, कि सवार होना मुश्किल रहा। बसों में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की भी करनी पड़ी।
विज्ञापन
सड़कों पर सरकारी बसों की किल्लत का फायदा डग्गेमार वाहनों ने उठाया। डग्गेमार वाहन भी खचाखच भरे नजर आए। उनमें बोनट को छोड़कर चारों ओर सवारियां लटकती नजर आईं।
प्राइवेट बसों में यात्रियों ने बसों की छतों पर भी यात्रा की। नगर के इटावा, जसराना, अलीगंज और किशनी बस स्टैंडों पर पूरे दिन यात्रियों की भीड़ देखी गई। प्राइवेट बस स्टैंड पर बस के आते ही सवारियां उसमें सीट पाने के लिए टूट पड़ती थी। लोग बस की खिड़कियों के दरवाजे आदि से घुसते देखे गए।
विज्ञापन
परिवहन निगम ने दावा किया था कि रक्षाबंधन पर सभी चालकों और परिचालकों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई है। पर त्योहार के दिन निगम के सारे दावों की पोल खुल गई।
विज्ञापन
बस अड्डे से लेकर सभी मार्गों पर लोग वाहनों के लिए परेशान नजर आए। वहीं जो बसें आती भी थीं, उनमें इतनी भीड़ रहती थी, कि सवार होना मुश्किल रहा। बसों में चढ़ने के लिए धक्का-मुक्की भी करनी पड़ी।
विज्ञापन
सड़कों पर सरकारी बसों की किल्लत का फायदा डग्गेमार वाहनों ने उठाया। डग्गेमार वाहन भी खचाखच भरे नजर आए। उनमें बोनट को छोड़कर चारों ओर सवारियां लटकती नजर आईं।
प्राइवेट बसों में यात्रियों ने बसों की छतों पर भी यात्रा की। नगर के इटावा, जसराना, अलीगंज और किशनी बस स्टैंडों पर पूरे दिन यात्रियों की भीड़ देखी गई। प्राइवेट बस स्टैंड पर बस के आते ही सवारियां उसमें सीट पाने के लिए टूट पड़ती थी। लोग बस की खिड़कियों के दरवाजे आदि से घुसते देखे गए।