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29.95 करोड़ रुपये से होगा एटा जिले का विकास
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एटा। जिले के विकास को जिला पंचायत रफ्तार देगी। वर्ष 2019-20 में जिले में 2995 लाख रुपये विकास कार्य कराए जाएंगे। साथ ही मनरेगा के तहत 6776 लाख रुपये खर्च होंगे। जिला पंचायत सभागार में मंगलवार को हुई बैठक में अध्यक्ष और सदस्यों ने विकास कार्यों के प्रस्ताव और बजट पर मुहर लगाई।
बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष राजकिशोर ने की। अपर मुख्य अधिकारी महेश चंद्र गोयल ने वर्ष 2018-19 का 4057.740 लाख रुपये का बजट सदन के समक्ष पेश किया। जिसे सदस्यों ने पारित किया। इसके साथ ही वर्ष 2019-20 के लिए 2995.552 लाख रुपये का प्रस्ताव पेश किया। वहीं जिला योजना वर्ष 2019-20 के लिए जिला पंचायत विकास योजना का खाका पेश किया गया। बैठक में वर्ष 2019-20 की वार्षिक कार्ययोजना के लिए सदस्यों से प्रस्ताव मांगे गए। इसके बाद कार्ययोजना का अनुमोदन किया जाएगा।
बैठक में मनरेगा के तहत 2019-20 के लिए 6776.497 लाख रुपये का श्रम बजट तय किया गया। जिसमें 2323370 मानव दिवस सृजित किए जाएंगे। मनरेगा में 4065.809 लाख रुपये श्रम और 2710.599 लाख रुपये सामग्री और प्रशासनिक मद में खर्च होंगे। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 12263 परियोजनाओं की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव, जिला पंचायत सदस्य हेमलता, जयदेवी, रूमादेवी, सरला देवी, निरंजन सिंह, रामकिशन, वीरेश कुमार, कमलेश, शशांक यादव, रंजना राजपूत, रेखा यादव, सुखवेंद्र, विनोद कुमार, अविक्रांत, पुष्पेंद्र यादव, सुभाष शाक्य, प्रमोद कुमार, ब्लॉक प्रमुख लालकांत यादव, रामनाथ सिंह यादव, डीएसटीओ रमेश चंद्र, राजकुमार सिंह, नरेंद्र यादव, योगेश जैन, रमेश चंद्र गुप्ता, मौजूद रहे।
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पिछले वर्ष के मुकाबले बजट में हुई घटोतरी-बढ़ोतरी
जिला पंचायत ने वर्ष 2018-19 के लिए 2821.111 लाख रुपये का प्रस्ताव पेश किया था। जो इस बार कम होकर 2995.552 लाख रुपये हो गया। वहीं मनरेगा के तहत 2018-19 के लिए 7510.860 लाख रुपये का श्रम बजट कम होकर 6776.497 लाख रुपये हुआ। इसके साथ ही श्रम औरे मानव दिवस की संख्या में भी कमी की गई।
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बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष राजकिशोर ने की। अपर मुख्य अधिकारी महेश चंद्र गोयल ने वर्ष 2018-19 का 4057.740 लाख रुपये का बजट सदन के समक्ष पेश किया। जिसे सदस्यों ने पारित किया। इसके साथ ही वर्ष 2019-20 के लिए 2995.552 लाख रुपये का प्रस्ताव पेश किया। वहीं जिला योजना वर्ष 2019-20 के लिए जिला पंचायत विकास योजना का खाका पेश किया गया। बैठक में वर्ष 2019-20 की वार्षिक कार्ययोजना के लिए सदस्यों से प्रस्ताव मांगे गए। इसके बाद कार्ययोजना का अनुमोदन किया जाएगा।
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बैठक में मनरेगा के तहत 2019-20 के लिए 6776.497 लाख रुपये का श्रम बजट तय किया गया। जिसमें 2323370 मानव दिवस सृजित किए जाएंगे। मनरेगा में 4065.809 लाख रुपये श्रम और 2710.599 लाख रुपये सामग्री और प्रशासनिक मद में खर्च होंगे। अधिकारियों ने बताया कि जिले में 12263 परियोजनाओं की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव, जिला पंचायत सदस्य हेमलता, जयदेवी, रूमादेवी, सरला देवी, निरंजन सिंह, रामकिशन, वीरेश कुमार, कमलेश, शशांक यादव, रंजना राजपूत, रेखा यादव, सुखवेंद्र, विनोद कुमार, अविक्रांत, पुष्पेंद्र यादव, सुभाष शाक्य, प्रमोद कुमार, ब्लॉक प्रमुख लालकांत यादव, रामनाथ सिंह यादव, डीएसटीओ रमेश चंद्र, राजकुमार सिंह, नरेंद्र यादव, योगेश जैन, रमेश चंद्र गुप्ता, मौजूद रहे।
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पिछले वर्ष के मुकाबले बजट में हुई घटोतरी-बढ़ोतरी
जिला पंचायत ने वर्ष 2018-19 के लिए 2821.111 लाख रुपये का प्रस्ताव पेश किया था। जो इस बार कम होकर 2995.552 लाख रुपये हो गया। वहीं मनरेगा के तहत 2018-19 के लिए 7510.860 लाख रुपये का श्रम बजट कम होकर 6776.497 लाख रुपये हुआ। इसके साथ ही श्रम औरे मानव दिवस की संख्या में भी कमी की गई।