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आधार से अधर में लटकी जिंदगी
Updated Tue, 09 Oct 2018 12:07 AM IST
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मैनपुरी। आधार ने लोगों को अधर में लाकर खड़ा कर दिया है। लाख कोशिशों के बाद भी आधार न बन पाने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुबह पांच बजे से रोजाना डाकघरों में आधार बनवाने के लिए लंबी-लंबी कतारें लगती हैं, लेकिन इसके बाद भी लोगों को सिर्फ मायूसी ही हाथ लगती है। उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर करें तो क्या करें।
पिछले दिनों सरकार ने निजी आधार पंजीकरण केंद्रों को बंद कर दिया था। ऐसा इन केंद्रों से आने वाली शिकायतों को लेकर किया गया था। इसके बाद डाकघरों और बैंक में आधार पंजीकरण केंद्रों की शुरुआत हुई थी, लेकिन इस व्यवस्था ने लोगों को मुश्किल में डाल दिया। अब तक जहां बैंकों में आधार पंजीकरण केंद्र शुरू नहीं हुए हैं, वहीं डाकघरों में भी यही हाल है।
सप्ताह में तीन दिन ये केंद्र खुलते हैं और तीन दिन बंद रहते हैं। शहर के प्रधान डाकघर स्थित केंद्र की ही बात करें, तो यहां दिनभर में सिर्फ 30 आधार कार्ड बन पाते हैं। यहां तैनात कर्मचारी छुट्टी पर होता है, तो केंद्र बंद रहता है। आधार पंजीकरण केंद्र भले ही दस बजे खुलता है, लेकिन यहां सुबह पांच बजे से लोगों की कतार लगना शुरू हो जाती है। हो सकता है इस पर आप यकीन न करें, लेकिन यही हकीकत है। केंद्र खुलते ही 30 लोगों को टोकन दे दिया जाता है। इसके बाद बाकी को लौटा दिया जाता है।
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तहसील क्षेत्र के डाकघरों में भी कुछ ऐसी ही स्थिति है। भोगांव, बेवर, करहल, कुरावली और किशनी के डाकघरों में भी सुबह पांच बजे से लाइन लगना शुरू हो जाती है। जो व्यक्ति सबसे पहले आ जाता है, उसे भी आधार बनवाने के लिए आठ घंटे का समय लगता है।
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पिछले दिनों सरकार ने निजी आधार पंजीकरण केंद्रों को बंद कर दिया था। ऐसा इन केंद्रों से आने वाली शिकायतों को लेकर किया गया था। इसके बाद डाकघरों और बैंक में आधार पंजीकरण केंद्रों की शुरुआत हुई थी, लेकिन इस व्यवस्था ने लोगों को मुश्किल में डाल दिया। अब तक जहां बैंकों में आधार पंजीकरण केंद्र शुरू नहीं हुए हैं, वहीं डाकघरों में भी यही हाल है।
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सप्ताह में तीन दिन ये केंद्र खुलते हैं और तीन दिन बंद रहते हैं। शहर के प्रधान डाकघर स्थित केंद्र की ही बात करें, तो यहां दिनभर में सिर्फ 30 आधार कार्ड बन पाते हैं। यहां तैनात कर्मचारी छुट्टी पर होता है, तो केंद्र बंद रहता है। आधार पंजीकरण केंद्र भले ही दस बजे खुलता है, लेकिन यहां सुबह पांच बजे से लोगों की कतार लगना शुरू हो जाती है। हो सकता है इस पर आप यकीन न करें, लेकिन यही हकीकत है। केंद्र खुलते ही 30 लोगों को टोकन दे दिया जाता है। इसके बाद बाकी को लौटा दिया जाता है।
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तहसील क्षेत्र के डाकघरों में भी कुछ ऐसी ही स्थिति है। भोगांव, बेवर, करहल, कुरावली और किशनी के डाकघरों में भी सुबह पांच बजे से लाइन लगना शुरू हो जाती है। जो व्यक्ति सबसे पहले आ जाता है, उसे भी आधार बनवाने के लिए आठ घंटे का समय लगता है।