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अपने ही जवाबों में घिरी करहल पुलिस
Updated Thu, 06 Sep 2018 10:17 PM IST
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मैनपुरी-करहल। गिरफ्तारी के बाद थाने से जानलेवा हमले के आरोपी को छोड़ने का मामला थाना पुलिस के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। वहीं अब पुलिस अपने बचाव में पूरे मामले में लीपापोती करने में जुट गई है। थाना करहल क्षेत्र के गांव कंझरा निवासी शिवराखन पर दो जून 2018 को हुए जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी रामबहादुर को बुधवार को थाना पुलिस ने शहर से गिरफ्तार कर लिया था। जब तक पुलिस थाने लेकर पहुंची तब तक वहां कई भाजपा नेता जमा हो गए थे। पुलिस से नोकझोंक के बाद आखिरकार आरोपी को थाने से छुड़ा लिया गया।
इस मामले में जब अधिकारियों से पूछा गया तो पर्याप्त सबूत न होने की बात कह कर बचाव किया गया। करहल पुलिस की इस लाचारी के बीच कई ऐसे सवाल भी हैं जो आने वाले समय में मुसीबत बन सकते हैं। सबसे पहले यदि पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे तो पुलिस ने गिरफ्तारी की ही क्यों। दूसरा आरोपी उक्त मामले में वांछित चल रहा था तो थाने लाकर वांछित को जेल भेजने की बजाय छोड़ा क्यों गया। इन सवालों के जवाब में थाना पुलिस कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। आरोपी वांछित था या नहीं इसके बारे में मुझे सही जानकारी नहीं है। विवेचक व सीओ को ही सही जानकारी होगी। रामबहादुर को पूछताछ के लिए लाया गया था, पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर छोड़ा गया।
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इस मामले में जब अधिकारियों से पूछा गया तो पर्याप्त सबूत न होने की बात कह कर बचाव किया गया। करहल पुलिस की इस लाचारी के बीच कई ऐसे सवाल भी हैं जो आने वाले समय में मुसीबत बन सकते हैं। सबसे पहले यदि पर्याप्त साक्ष्य नहीं थे तो पुलिस ने गिरफ्तारी की ही क्यों। दूसरा आरोपी उक्त मामले में वांछित चल रहा था तो थाने लाकर वांछित को जेल भेजने की बजाय छोड़ा क्यों गया। इन सवालों के जवाब में थाना पुलिस कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। आरोपी वांछित था या नहीं इसके बारे में मुझे सही जानकारी नहीं है। विवेचक व सीओ को ही सही जानकारी होगी। रामबहादुर को पूछताछ के लिए लाया गया था, पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर छोड़ा गया।
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