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पांच लाख की फिरौती को किया मासूम का अपहरण
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पांच लाख की फिरौती को किया मासूम का अपहरण
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। 12 दिन पूर्व अपहरण का शिकार हुए चार वर्षीय मासूम बालक को पुलिस ने बरामद कर लिया है। बालक का अपहरण पांच लाख रुपये की फिरौती के लिए किया गया। पुलिस ने अपहरण के पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। वहीं घटना में प्रयुक्त बाइक, मोबाइल फोन भी पुलिस ने बरामद किए हैं। पिता के मौसेरे भाई ने साथियों व परिजनों के साथ मिलकर अपहरण की घटना को अंजाम दिया ।
पटियाली थाना क्षेत्र के गांव ककराला निवासी अशोक कुमार का चार वर्षीय पुत्र हरेंद्र अचानक लापता हो गया। हरेंद्र के लापता होने पर परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन 8 दिन के बाद बालक की रिहाई की एवज में पांच लाख की फिरौती की मांग की गई। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ल ने एएसपी डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी, सीओ पटियाली, स्वॉट टीम, सर्विलांश टीम और थाना पुलिस की टीमें बनाकर बालक की बरामदगी का लक्ष्य तय किया गया। फिरौती मांगने के लिए मोबाइल के प्रयोग के आधार पर आरोपी पवन पुत्र संतराम निवासी अहरौली की संलिप्तता पाई गई। अपहरणकर्ता पवन बालक के पिता का सगा मौसेरा भाई निकला। पुलिस ने पवन को पकड़ लिया तो पूछताछ में राहुल व अन्य लोगों के शामिल होने की बात सामने आई।
21 फरवरी को जाकर घर से बालक को अगवा कर लिया। अपहरण करके बालक को कासगंज के समीपवर्ती गांव अहरौली लाया गया। यहां पवन की पत्नी नीतू और संजय की पत्नी कमलेश ने बच्चे को रखा। इसके बाद पवन व अन्य आरोपी बालक को अपनी बहन राधारानी निवासी इज्जतनगर के घर ले गए। पुलिस को जानकारी मिली की बालक को लेकर ट्रेन से अपहरणकर्ता ले जा रहे हैं। उझानी स्टेशन पर चेकिंग चलती देख आरोपी बालक को ट्रेन में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और राधा के घर से बाइक भी बरामद की।
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डीआईजी और एसपी ने दिया पुरस्कार
कासगंज। डीआईजी प्रितेंद्र सिंह ने पुलिस पार्टी की सराहना करते हुए 50 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया। वहीं पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ल ने 25 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया है।
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पटियाली थाना क्षेत्र के गांव ककराला निवासी अशोक कुमार का चार वर्षीय पुत्र हरेंद्र अचानक लापता हो गया। हरेंद्र के लापता होने पर परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन 8 दिन के बाद बालक की रिहाई की एवज में पांच लाख की फिरौती की मांग की गई। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ल ने एएसपी डा. पवित्र मोहन त्रिपाठी, सीओ पटियाली, स्वॉट टीम, सर्विलांश टीम और थाना पुलिस की टीमें बनाकर बालक की बरामदगी का लक्ष्य तय किया गया। फिरौती मांगने के लिए मोबाइल के प्रयोग के आधार पर आरोपी पवन पुत्र संतराम निवासी अहरौली की संलिप्तता पाई गई। अपहरणकर्ता पवन बालक के पिता का सगा मौसेरा भाई निकला। पुलिस ने पवन को पकड़ लिया तो पूछताछ में राहुल व अन्य लोगों के शामिल होने की बात सामने आई।
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21 फरवरी को जाकर घर से बालक को अगवा कर लिया। अपहरण करके बालक को कासगंज के समीपवर्ती गांव अहरौली लाया गया। यहां पवन की पत्नी नीतू और संजय की पत्नी कमलेश ने बच्चे को रखा। इसके बाद पवन व अन्य आरोपी बालक को अपनी बहन राधारानी निवासी इज्जतनगर के घर ले गए। पुलिस को जानकारी मिली की बालक को लेकर ट्रेन से अपहरणकर्ता ले जा रहे हैं। उझानी स्टेशन पर चेकिंग चलती देख आरोपी बालक को ट्रेन में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और राधा के घर से बाइक भी बरामद की।
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डीआईजी और एसपी ने दिया पुरस्कार
कासगंज। डीआईजी प्रितेंद्र सिंह ने पुलिस पार्टी की सराहना करते हुए 50 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया। वहीं पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार शुक्ल ने 25 हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया है।