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मिल ने बेची 15 हजार क्विंटल चीनी
Updated Sat, 10 Nov 2018 10:13 PM IST
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मिल ने बेची 15 हजार क्विंटल चीनी
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। न्यौली चीनी मिल संचालन से पहले मिल प्रशासन पर भुगतान का दबाव है। जिला प्रशासन प्रत्येक सप्ताह भुगतान का हाल जान रहा है। पिछले अक्तूबर माह में मिल ने 15 हजार क्विंटल चीनी बिक्री कर दी है। जिससे कई किसानों के बकाये का भुगतान मिला है।
न्यौली गन्ना मिल पर किसानों का 40 करोड़ रुपये भुगतान बकाया है। वैसे तो गन्ना बकाये भुगतान के लिए सॉफ्ट लोन योजना के तहत 35 करोड़ रुपये मिल रहे हैं और सवा करोड़ रुपये सहायता राशि प्रदेश सरकार ने दी है। मिल इतनी धनराशि से भी पूर्ण बकाये का भुगतान नहीं कर सकती। न्यौली चीनी मिल के पास 65 हजार क्विंटल चीनी का भंडार है। इस चीनी बिक्री से किसानों के बकाये भुगतान की योजना प्रशासन द्वारा बनाई गई। प्रशासन ने चीनी का भंडारण अपने कब्जे में ले लिया। फिर इसकी बिक्री शुरू कराई। अब तक प्रशासन की अनुमति से 15 हजार क्विंटल चीनी बिक्री की जा चुकी है। 20 नवंबर तक मिल संचालन से पहले मिल प्रशासन ने 15 हजार क्विंटल चीनी और बिक्री करने का लक्ष्य तय कर लिया है। अब तक बिक्री की गई चीनी से किसानों का करीब 15 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। प्रशासन ने समीक्षा कर भुगतान की स्थिति भी जानी है।
सिर्फ धनराशि का इंतजार
कासगंज। प्रदेश सरकार ने सॉफ्ट लोन योजना के तहत न्यौली चीनी मिल को 35 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है, लेकिन अभी तक किसी भी मिल के लिए धनराशि नहीं मिली है। न्यौली मिल को सिर्फ धनराशि का इंतजार है। हालांकि चीनी बिक्री से सभी किसानों को आंशिक धनराशि मिल द्वारा भेजी जा रही है।
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- न्यौली चीनी मिल ने अब तक 15 हजार क्विंटल चीनी की बिक्री कर दी है। मिल संचालन से पहले किसानों को ज्यादा से ज्यादा भुगतान दिला दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने समीक्षा कर जल्द भुगतान के निर्देश दिए हैं। ओमप्रकाश, जिला गन्ना अधिकारी।
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न्यौली गन्ना मिल पर किसानों का 40 करोड़ रुपये भुगतान बकाया है। वैसे तो गन्ना बकाये भुगतान के लिए सॉफ्ट लोन योजना के तहत 35 करोड़ रुपये मिल रहे हैं और सवा करोड़ रुपये सहायता राशि प्रदेश सरकार ने दी है। मिल इतनी धनराशि से भी पूर्ण बकाये का भुगतान नहीं कर सकती। न्यौली चीनी मिल के पास 65 हजार क्विंटल चीनी का भंडार है। इस चीनी बिक्री से किसानों के बकाये भुगतान की योजना प्रशासन द्वारा बनाई गई। प्रशासन ने चीनी का भंडारण अपने कब्जे में ले लिया। फिर इसकी बिक्री शुरू कराई। अब तक प्रशासन की अनुमति से 15 हजार क्विंटल चीनी बिक्री की जा चुकी है। 20 नवंबर तक मिल संचालन से पहले मिल प्रशासन ने 15 हजार क्विंटल चीनी और बिक्री करने का लक्ष्य तय कर लिया है। अब तक बिक्री की गई चीनी से किसानों का करीब 15 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। प्रशासन ने समीक्षा कर भुगतान की स्थिति भी जानी है।
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सिर्फ धनराशि का इंतजार
कासगंज। प्रदेश सरकार ने सॉफ्ट लोन योजना के तहत न्यौली चीनी मिल को 35 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है, लेकिन अभी तक किसी भी मिल के लिए धनराशि नहीं मिली है। न्यौली मिल को सिर्फ धनराशि का इंतजार है। हालांकि चीनी बिक्री से सभी किसानों को आंशिक धनराशि मिल द्वारा भेजी जा रही है।
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- न्यौली चीनी मिल ने अब तक 15 हजार क्विंटल चीनी की बिक्री कर दी है। मिल संचालन से पहले किसानों को ज्यादा से ज्यादा भुगतान दिला दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने समीक्षा कर जल्द भुगतान के निर्देश दिए हैं। ओमप्रकाश, जिला गन्ना अधिकारी।