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मुख्य आरोपी सलीम के भाई नसीम की जमानत निरस्त
Updated Fri, 06 Jul 2018 11:16 PM IST
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kasganj
- फोटो : SELF
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कासगंज ।
चंदन की हत्या में मुख्य आरोपी सलीम के भाई नसीम एवं एक अन्य आरोपी जाहिद उर्फ जग्गा की जमानत को अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने निरस्त कर दिया। दोनों आरोपी जेल में बंद हैं।
गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा को लेकर हुए विवाद में आरोपी सलीम का भाई नसीम पुत्र बरकतउल्ला निवासी तहसील रोड पर भी हत्या एवं बलवे में शामिल होने का आरोप है। नसीम भी जेल में बंद है। वहीं एक अन्य आरोपी जाहिद उर्फ जग्गा भी चंदन की हत्या के आरोप में जेल में बंद है। दोनों के जमानत प्रार्थना पत्र पर शुक्रवार को न्यायालय में अभियोजन एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के बीच जमकर बहस हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने कहा कि आरोपियों को झूठे तरीके से हत्या में फंसाया गया है। उनका घटना से कोई सरोकार नहीं है। बहस के दौरान कई अन्य तथ्य भी बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने दिए, लेकिन अभियोजन पक्ष ने बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के तथ्यों को नकारते हुए अपराध को गंभीर बताया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र गोला ने कहा कि आरोपी चंदन की हत्या, बलवा और तिरंगे के अपमान में शामिल थे। ऐसी स्थिति में आरोपियों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश बिजेश कुमार सिंह ने मामले के तथ्यों, परिस्थितियों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए कहा कि आरोपी नसीम एवं जाहिद उर्फ जग्गा के जमानत प्रार्थना पत्रों में कोई विधिक बल नहीं है। इसलिए जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किए जाते हैं। उन्होंने जमानत निरस्त करने का आदेश पारित किया।
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चंदन की हत्या में मुख्य आरोपी सलीम के भाई नसीम एवं एक अन्य आरोपी जाहिद उर्फ जग्गा की जमानत को अपर सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने निरस्त कर दिया। दोनों आरोपी जेल में बंद हैं।
गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा को लेकर हुए विवाद में आरोपी सलीम का भाई नसीम पुत्र बरकतउल्ला निवासी तहसील रोड पर भी हत्या एवं बलवे में शामिल होने का आरोप है। नसीम भी जेल में बंद है। वहीं एक अन्य आरोपी जाहिद उर्फ जग्गा भी चंदन की हत्या के आरोप में जेल में बंद है। दोनों के जमानत प्रार्थना पत्र पर शुक्रवार को न्यायालय में अभियोजन एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के बीच जमकर बहस हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने कहा कि आरोपियों को झूठे तरीके से हत्या में फंसाया गया है। उनका घटना से कोई सरोकार नहीं है। बहस के दौरान कई अन्य तथ्य भी बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने दिए, लेकिन अभियोजन पक्ष ने बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के तथ्यों को नकारते हुए अपराध को गंभीर बताया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद्र गोला ने कहा कि आरोपी चंदन की हत्या, बलवा और तिरंगे के अपमान में शामिल थे। ऐसी स्थिति में आरोपियों को जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
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दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश बिजेश कुमार सिंह ने मामले के तथ्यों, परिस्थितियों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए कहा कि आरोपी नसीम एवं जाहिद उर्फ जग्गा के जमानत प्रार्थना पत्रों में कोई विधिक बल नहीं है। इसलिए जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त किए जाते हैं। उन्होंने जमानत निरस्त करने का आदेश पारित किया।
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