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7 दिन बाद अनारक्षित ट्रेनों में बढ़ गई यात्रियों की संख्या
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कासगंज। दैनिक यात्री स्पेशल ट्रेनों में भले ही यात्रियों की संख्या नहीं बढ़ पा रही है लेकिन अनारक्षित ट्रेनों में धीमे-धीमे यात्री बढ़ने लगे हैं। सात दिन बाद अनारक्षित ट्रेनों में एक साथ यात्रियों की संख्या बढ़ गई। 1300 यात्री बृहस्पतिवार को अनारक्षित ट्रेनों में चढ़े। रेलवे को अब धीमे-धीमे अपेक्षित राजस्व प्राप्त होने लगा है।
कासगंज जंक्शन स्टेशन से दो जोड़ी दैनिक स्पेशल ट्रेनें कानपुर ट्रैक पर चल रही हैं। यह दोनों ही ट्रेनें आरक्षित ट्रेनें हैं। इधर रेलवे ने 4 मार्च से अनारक्षित एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया। आरक्षित ट्रेनों में अपेक्षित यात्रियों की संख्या नहीं बढ़ रही लेकिन अनारक्षित ट्रेनों में धीमे-धीमे यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को अनारक्षित ट्रेनों में 1300 यात्री कासगंज स्टेशन से चढ़े। अनारक्षित ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने के पीछे माना जा रहा है कि आरक्षण की लंबी प्रक्रिया से छोटी दूरी के स्टेशनों तक यात्रा करने वाले यात्री बच रहे थे, लेकिन अब अनारक्षित टिकट आसानी से मिल जाने के कारण यात्री यात्रा सहूलियत भरी मान रहे हैं। रेलवे को अब अपेक्षित राजस्व भी प्राप्त हो रहा है।
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कासगंज जंक्शन स्टेशन से दो जोड़ी दैनिक स्पेशल ट्रेनें कानपुर ट्रैक पर चल रही हैं। यह दोनों ही ट्रेनें आरक्षित ट्रेनें हैं। इधर रेलवे ने 4 मार्च से अनारक्षित एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया। आरक्षित ट्रेनों में अपेक्षित यात्रियों की संख्या नहीं बढ़ रही लेकिन अनारक्षित ट्रेनों में धीमे-धीमे यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को अनारक्षित ट्रेनों में 1300 यात्री कासगंज स्टेशन से चढ़े। अनारक्षित ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने के पीछे माना जा रहा है कि आरक्षण की लंबी प्रक्रिया से छोटी दूरी के स्टेशनों तक यात्रा करने वाले यात्री बच रहे थे, लेकिन अब अनारक्षित टिकट आसानी से मिल जाने के कारण यात्री यात्रा सहूलियत भरी मान रहे हैं। रेलवे को अब अपेक्षित राजस्व भी प्राप्त हो रहा है।
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