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कड़ी मशक्कत के बाद घूमा मिल का चक्का
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मिल ने बेची 15 हजार क्विंटल चीनी
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज। लंबे इंतजार के बाद न्यौली चीनी मिल का चक्का रविवार देर रात घूम गया। इसके बाद मिल में गन्ने की पेराई शुरू हो गई है। इसके साथ ही मिल के द्वार पर बने क्रय केंद्र पर गन्ना की खरीद भी शुरू हो गई। गन्ना बिक्री के लिए किसानों में मारामारी रही। मिल ने सोमवार दोपहर तक 15 हजार क्विंटल गन्ना खरीद लिया।
विगत दस दिन से न्यौली चीनी मिल तकनीकी खामी के चलते बंद थी। मिल का चक्का न घूमने से मुख्य द्वार के बाहर गन्ना वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सर्दी के मौसम में किसानों ने खुले आसमान के नीचे रात गुजारी। गाजियाबाद के इंजीनियर मिल सही करने में जुटे रहे। किसानों की समस्याओं के मद्देनजर डीएम आरपी सिंह ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने काम में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। प्रशासनिक दबाव के चलते मिल रविवार देर रात पेराई के लिए व्यवस्थित हो गई। इसके बाद देर रात मिल में पेराई शुरू हो गई। मिल प्रशासन ने गन्ना की खरीद शुरू कर दी। रातभर मिल के मुख्यद्वार के अलावा 27 क्रय केंद्रों पर गन्ने की खरीद शुरू की गई। सोमवार दोपहर तक 15 हजार क्विंटल गन्ना खरीद लिया गया। मिल प्रशासन किराये के वाहनों से पहुंचने वाले गन्ने की खरीद को प्राथमिकता दे रहा है।
किसानों की बात-
- काफी दिन बाद मिल में पेराई शुरू हुई है। गन्ना खरीद के लिए काफी मारामारी हो रही है। पता नहीं कब तक गन्ना बिक्री के लिए नंबर आएगा- शिवचरन।
- गन्ना बिक्री के लिए मारामारी हो रही है। किसान परेशान हैं। खरीद शुरू हो गई है। संभावना है कि मंगलवार तक गन्ना बिक जाएगा।
जितेंद्र कुमार।
- चीनी मिल की तकनीकी खामी देर रात दूर कर ली गई। इंजीनियरों के प्रयास के बाद मिल का चक्का घूम गया है। पेराई की जा रही है। अनिल यादव, महाप्रबंधक तकनीकी, न्यौली मिल।
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- गन्ने की खरीद तेजी के साथ की जा रही है। 15 हजार क्विंटल गन्ना खरीदा जा चुका है। किसानों की समस्या का निस्तारण किया जा रहा है।
ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।
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विगत दस दिन से न्यौली चीनी मिल तकनीकी खामी के चलते बंद थी। मिल का चक्का न घूमने से मुख्य द्वार के बाहर गन्ना वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सर्दी के मौसम में किसानों ने खुले आसमान के नीचे रात गुजारी। गाजियाबाद के इंजीनियर मिल सही करने में जुटे रहे। किसानों की समस्याओं के मद्देनजर डीएम आरपी सिंह ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने काम में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। प्रशासनिक दबाव के चलते मिल रविवार देर रात पेराई के लिए व्यवस्थित हो गई। इसके बाद देर रात मिल में पेराई शुरू हो गई। मिल प्रशासन ने गन्ना की खरीद शुरू कर दी। रातभर मिल के मुख्यद्वार के अलावा 27 क्रय केंद्रों पर गन्ने की खरीद शुरू की गई। सोमवार दोपहर तक 15 हजार क्विंटल गन्ना खरीद लिया गया। मिल प्रशासन किराये के वाहनों से पहुंचने वाले गन्ने की खरीद को प्राथमिकता दे रहा है।
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किसानों की बात-
- काफी दिन बाद मिल में पेराई शुरू हुई है। गन्ना खरीद के लिए काफी मारामारी हो रही है। पता नहीं कब तक गन्ना बिक्री के लिए नंबर आएगा- शिवचरन।
- गन्ना बिक्री के लिए मारामारी हो रही है। किसान परेशान हैं। खरीद शुरू हो गई है। संभावना है कि मंगलवार तक गन्ना बिक जाएगा।
जितेंद्र कुमार।
- चीनी मिल की तकनीकी खामी देर रात दूर कर ली गई। इंजीनियरों के प्रयास के बाद मिल का चक्का घूम गया है। पेराई की जा रही है। अनिल यादव, महाप्रबंधक तकनीकी, न्यौली मिल।
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- गन्ने की खरीद तेजी के साथ की जा रही है। 15 हजार क्विंटल गन्ना खरीदा जा चुका है। किसानों की समस्या का निस्तारण किया जा रहा है।
ओमप्रकाश यादव, जिला गन्ना अधिकारी।