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संजय के विवाह में लड़की की उम्र बन सकती है रोड़ा
Updated Sun, 25 Mar 2018 11:08 PM IST
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संजय के विवाह में लड़की की उम्र बन सकती है रोड़ा
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
जिले का निजामपुर गांव दलित युवक की बारात चढ़ाने के मामले को लेकर सुर्खियों में है। पूरे गांव में बारात चढ़ाने की जिद पर अड़े संजय ने पहले ही मामले की याचिका हाईकोर्ट में दायर कर रखी है। ड्ढस पर आगामी समय में सुनवाई होनी है। अब इस मामले में नया मोड़ वधू बनने जा रही शीतल की उम्र को लेकर आया है। गांव के स्कूल के शैक्षणिक दस्तावेज में उसकी उम्र 20 जुलाई 2000 अंकित है। इस उम्र के मुताबिक शीतल को बालिग होने में तीन माह का समय लगेगा। संजय ने शैक्षणिक दस्तावेज की उम्र को गलत बताते हुए दावा किया है कि उसकी उम्र 20 वर्ष की है। शैक्षणिक दस्तावेज में उम्र कम अंकित कराई गई है। प्रशासन ने अभी इस बिंदु पर कोई राय नहीं बनाई है। पुलिस सोमवार को इस मामले में स्कूल से जानकारी हासिल करेगी।
हाथरस के युवक संजय की शादी निजामपुर की शीतल पुत्री सत्यपाल के साथ 20 अप्रैल को होनी है। शादी से दो माह पहले ही इस विवाद की नींव उस समय पड़ गई जब युवक संजय ने 20 फरवरी को प्रशासन से पूरे निजामपुर गांव में बारात का भ्रमण कराने के लिए अनुमति मांगी। प्रशासन ने इस मामले में परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि जो परंपरा गांव में है उसके मुताबिक बारात चढ़ाई जा सकती है और बारात चढ़ाने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन की इस टिप्पणी से युवक संतुष्ट नहीं हुआ और मामले की शिकायत मुख्यमंत्री गृह सचिव व अन्य संगठनों से की। अब यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। राजनीतिक रंग भी इस मामले पर चढ़ने लगा है। कानपुर में पिछले तीन दिनों से संजय अपने परिवार व समर्थकों के साथ डटा है। युवक ने कई संगठनों के लोगों से भी मुलाकात करके समर्थन जुटाया है। कानपुर में विभिन्न संगठनों के नेताओं ने हाथी, घोड़ों के साथ संजय की बारात चढ़वाने का भरोसा दिया है।
वहीं शीतल की उम्र के संबंध में युवक संजय का कहना है कि यह विवाह सहमति के आधार पर हो रहा है। यदि परिवारीजन और लड़की विवाह के लिए तैयार है तो विवाह नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक दस्तावेज में उम्र सही नहीं है। लड़की की वास्तविक उम्र 20 वर्ष की है। संजय ने यह भी कहा यदि उम्र को लेकर कोई विवाद बनता है तो वह कुछ माह प्रतिक्षा करने के बाद शादी करेगा, लेकिन पूरे गांव में बारात चढ़ाने के बिंदु पर कोई समझौता नहीं होगा।
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बसपा सुप्रीमो से नहीं हो सकी मुलाकात
कासगंज। दलित युवक संजय बारात चढ़ाने की शिकायत को लेकर बसपा सुप्रीमो एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती से मिलने के लिए लखनऊ पहुंचे, लेकिन रविवार को उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। संजय ने बताया कि पहले कार्यकर्ताओं की मीटिंग के दौरान मुलाकात होनी थी, लेकिन बाद में मीटिंग निरस्त हो जाने के कारण मीटिंग नहीं हो सकी।
कई संगठन के लोग दे रहे युवक का साथ
कानपुर में दलित पैंथर के अध्यक्ष धनीराम बौद्ध, जमीयत उलमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी, मसीह महासभा के सचिव पास्टर जितेंद्र, हरविंदर सिंह लॉर्ड सहित कई संगठनों के लोग इस मामले में युवक संजय को हाथी, घोड़ों के साथ बारात चढ़ाने का भरोसा दे चुके हैं और वे खुद भी इस बारात में बाराती बनकर आएंगे।
संजय के छोटे भाई की शादी हो चुकी है शीतल की बुआ से
हाथरस के संजय का निजामपुर की शीतल के परिवार से पुराना रिश्ता है। 10 वर्ष पूर्व संजय के छोटे भाई कमल सिंह की शादी शीतल की बुआ संतोष कुमारी से हुई है। उस समय भी बारात चढ़ाने या शादी में किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं हुआ था। सब कुछ शांतिपूर्वक संपन्न हुआ था।
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जिले का निजामपुर गांव दलित युवक की बारात चढ़ाने के मामले को लेकर सुर्खियों में है। पूरे गांव में बारात चढ़ाने की जिद पर अड़े संजय ने पहले ही मामले की याचिका हाईकोर्ट में दायर कर रखी है। ड्ढस पर आगामी समय में सुनवाई होनी है। अब इस मामले में नया मोड़ वधू बनने जा रही शीतल की उम्र को लेकर आया है। गांव के स्कूल के शैक्षणिक दस्तावेज में उसकी उम्र 20 जुलाई 2000 अंकित है। इस उम्र के मुताबिक शीतल को बालिग होने में तीन माह का समय लगेगा। संजय ने शैक्षणिक दस्तावेज की उम्र को गलत बताते हुए दावा किया है कि उसकी उम्र 20 वर्ष की है। शैक्षणिक दस्तावेज में उम्र कम अंकित कराई गई है। प्रशासन ने अभी इस बिंदु पर कोई राय नहीं बनाई है। पुलिस सोमवार को इस मामले में स्कूल से जानकारी हासिल करेगी।
हाथरस के युवक संजय की शादी निजामपुर की शीतल पुत्री सत्यपाल के साथ 20 अप्रैल को होनी है। शादी से दो माह पहले ही इस विवाद की नींव उस समय पड़ गई जब युवक संजय ने 20 फरवरी को प्रशासन से पूरे निजामपुर गांव में बारात का भ्रमण कराने के लिए अनुमति मांगी। प्रशासन ने इस मामले में परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि जो परंपरा गांव में है उसके मुताबिक बारात चढ़ाई जा सकती है और बारात चढ़ाने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन की इस टिप्पणी से युवक संतुष्ट नहीं हुआ और मामले की शिकायत मुख्यमंत्री गृह सचिव व अन्य संगठनों से की। अब यह मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। राजनीतिक रंग भी इस मामले पर चढ़ने लगा है। कानपुर में पिछले तीन दिनों से संजय अपने परिवार व समर्थकों के साथ डटा है। युवक ने कई संगठनों के लोगों से भी मुलाकात करके समर्थन जुटाया है। कानपुर में विभिन्न संगठनों के नेताओं ने हाथी, घोड़ों के साथ संजय की बारात चढ़वाने का भरोसा दिया है।
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वहीं शीतल की उम्र के संबंध में युवक संजय का कहना है कि यह विवाह सहमति के आधार पर हो रहा है। यदि परिवारीजन और लड़की विवाह के लिए तैयार है तो विवाह नहीं रोका जा सकता। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक दस्तावेज में उम्र सही नहीं है। लड़की की वास्तविक उम्र 20 वर्ष की है। संजय ने यह भी कहा यदि उम्र को लेकर कोई विवाद बनता है तो वह कुछ माह प्रतिक्षा करने के बाद शादी करेगा, लेकिन पूरे गांव में बारात चढ़ाने के बिंदु पर कोई समझौता नहीं होगा।
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बसपा सुप्रीमो से नहीं हो सकी मुलाकात
कासगंज। दलित युवक संजय बारात चढ़ाने की शिकायत को लेकर बसपा सुप्रीमो एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती से मिलने के लिए लखनऊ पहुंचे, लेकिन रविवार को उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। संजय ने बताया कि पहले कार्यकर्ताओं की मीटिंग के दौरान मुलाकात होनी थी, लेकिन बाद में मीटिंग निरस्त हो जाने के कारण मीटिंग नहीं हो सकी।
कई संगठन के लोग दे रहे युवक का साथ
कानपुर में दलित पैंथर के अध्यक्ष धनीराम बौद्ध, जमीयत उलमा काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी, मसीह महासभा के सचिव पास्टर जितेंद्र, हरविंदर सिंह लॉर्ड सहित कई संगठनों के लोग इस मामले में युवक संजय को हाथी, घोड़ों के साथ बारात चढ़ाने का भरोसा दे चुके हैं और वे खुद भी इस बारात में बाराती बनकर आएंगे।
संजय के छोटे भाई की शादी हो चुकी है शीतल की बुआ से
हाथरस के संजय का निजामपुर की शीतल के परिवार से पुराना रिश्ता है। 10 वर्ष पूर्व संजय के छोटे भाई कमल सिंह की शादी शीतल की बुआ संतोष कुमारी से हुई है। उस समय भी बारात चढ़ाने या शादी में किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं हुआ था। सब कुछ शांतिपूर्वक संपन्न हुआ था।