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कागजों में 18 हजार काम, हुए महज 203 काम

Thu, 15 Feb 2018 11:24 PM IST
Updated Thu, 15 Feb 2018 11:24 PM IST
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कागजों में 18 हजार काम, हुए महज 203 काम
रामघाट रोड पर हो रहे गहरे गड्ढों से निकल रही गिट्टियां रोड पर फैली पड़ी। - फोटो : अमर उजाला
एटा।
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सरकार गांवों के विकास पर जोर दे रही है, लेकिन गांवों में विकास कार्य महज कागजों पर हो रहे हैं। आलम यह है कि जिला कार्यालय से 18 हजार विकास कार्यों के लिए वर्क आइडी जारी की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक महज 203 कामों की रिपोर्ट विभाग को मिली हैं। वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले विभाग सारी फीडिंग को पूरा कराना चाहता है, लेकिन ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और विकास खंड अधिकारियों की मनमानी से विकास कार्य ठप पड़े हैं।

केंद्र सरकार ने विकास कार्यों की आनलाइन रिपोर्टिंग के लिए प्रिया सॉफ्ट, प्लान प्लस और एक्शन सॉफ्ट बनाए हैं। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने से पहले ग्राम पंचायत को कार्ययोजना बनाने के लिए काम के लिए वर्क आईडी जारी करानी होती है। इसके बाद काम के पूरा होने की रिपोर्ट फीड की जाती है। एक्शन सॉफ्ट पर विकास कार्य कराने के लिए जारी की गईं वर्क आईडी और विकास कार्यों की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है।
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जिले में वर्ष 2017-18 में 576 ग्राम पंचायतों में 559 ग्राम पंचायतों ने विकास कार्य कराने के लिए 18562 वर्क आईडी जारी कराईं, जिनमें से महज 203 काम अभी प्रक्रिया में हैं। जबकि 18316 काम अब तक शुरू नहीं हुए हैं। अब जब वित्तीय वर्ष समाप्त होने में एक महीना ही बचा है, तो 18 हजार कामों का पूरा होना संभव नहीं है। इससे साफ है कि ग्राम पंचायतों में काम कराने के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है।
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वहीं शासनादेश के मुताबिक एक ग्राम पंचायत एक बार में दो से ज्यादा कामों की वर्क आईडी जारी नहीं करा सकती है, लेकिन जिले में कई ग्राम पंचायतों ने 15-15 कामों की वर्क आईडी जारी करा ली है। ब्लॉक पर तैनात अधिकारी भी ग्राम पंचायतों में चल रहे खेल से वाकिफ हैं, लेकिन कार्रवाई करने से प्रशासन भी कतरा रहा है।
जलेसर की स्थिति सबसे खराब
विकास कार्यों के मामले में जलेसर ब्लॉक की स्थिति सबसे खराब है। यहां 1838 कार्यों के लिए वर्क आईडी जारी कराई गईं, लेकिन कोई काम नहीं कराया गया। सकीट में चार और शीतलपुर में दो काम ही प्रक्रिया में हैं।


तो विकसित हो जाता एटा
जिले में ग्राम पंचायतों में जिस तरह से वर्क आईडी जारी कराई गई हैं, अगर वैसे काम होते, तो जिले में विकास की तस्वीर अलग ही होती। ग्राम पंचायतों के पास विकास कार्यों के लिए धन राशि भी पहुंच चुकी हैं, लेकिन काम हाशिए पर हैं।


ब्लॉक से नहीं की जाती है फीडिंग
जिला पंचायत राज विभाग ने हर ब्लॉक पर फीडिंग कराने के लिए कर्मचारियों की तैनाती की है, लेकिन ब्लॉक स्तर से इसमें रुचि नहीं ली जा रही है। ऐसे में विकास कार्यों के नाम जमकर खेल चल रहा है।



30 ग्राम पंचायतों ने दी रिपोर्ट
जिले में विकास कार्यों पूरा कराने और उनका हिसाब किताब महज 30 ग्राम पंचायतों ने दिया है। प्रिया सॉफ्ट पर ग्राम पंचायतों ने अपनी मासिक पुस्तिका में खर्च की जानकारी फीड कराई है।


यह है रिपोर्ट
ब्लॉक वर्क आइडी कार्य शुरू पेडिंग
अलीगंज 2246 10 2236
अवागढ़ 2538 100 2398
जैथरा 2249 53 2195
जलेसर 1838 0 1838
मारहरा 3198 21 2176
निधौलीकलां 2178 13 2164
सकीट 2503 04 2499
शीतलपुर 2812 02 2810
कुल 18562 203 18316
-----------
कहते हैं आंकड़े
18562 कामों की जारी हुई वर्क आईडी
203 कामों की प्रक्रिया चल रही
18316 काम अब तक नहीं हुए शुरू
01 महीने का वक्त रह गया है वर्ष खत्म होने में
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