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6466 किसानों ने दर्ज कराई शिकायतें
Updated Fri, 19 Jan 2018 10:51 PM IST
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farmer shimla
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कासगंज। सरकार की ऋण मोचन योजना का लाभ पाने से अभी जिले के हजारों किसान वंचित हैं। पहीं किसानों पर बैंकों द्वारा वसूली का दबाव बढ़ाया जा रहा है। कई किसानों को बैंकों ने रिकवरी के नोटिस तक जारी कर दिए हैं। ऐसे में किसानों में आक्रोश है और उनकी आंखों में आंसू भी छलकने लगे हैं। किसान प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर बैंकों के चक्कर काट रहे हैं।
ऋण मोचन से वंचित किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने 20 जनवरी तक शिकायतें दर्ज कराने का मौका दिया था। शनिवार को शिकायत दर्ज कराने का अंतिम दिन है। इससे एक दिन पूर्व शुक्रवार को वंचित किसानों की ऋण मोचन का लाभ पाने के लिए शिकायतें दर्ज कराने की भीड़ लगी रही। कलक्ट्रेट में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे।
दोपहर के समय तक ऋण मोचन से वंचित 6466 किसान अपनी शिकायत दर्ज करा चुके थे। किसान कंट्रोल रूम पर किसान अपनी अलग अलग तरह की परेशानी गिना रहे थे। कासगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम हिम्मतपुर सईं की महिला किसान सरला देवी को ऋण मोचन का लाभ नहीं मिला है। जबकि उनका ऋण मोचन की सूची में नाम था। बैंक वाले उन पर लगातार रिकवरी का दबाव बना रहे हैं। ऐसे एक नहीं ऋण मोचन से वंचित हजारों किसानों की पीड़ा है।
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- एसबीआई की शाखा से 51 हजार का केसीसी ऋण लिया था, लेकिन ऋण माफ नहीं किया गया। हालांकि नाम सूची में शामिल है। बैंक ने आरसी जारी कर दी है और रिकवरी का दबाव बढ़ाया जा रहा है।
किसान पप्पू सिंह निवासी कुमरऊआ
- उनके पति ने 60 हजार रुपये ग्रामीण बैंक से केसीसी कराई थी। डेढ़ माह पहले उनके पति की मौत हो गई है लेकिन उनका ऋण अभी तक माफ नहीं हुआ है। किसान ऋण माफ न होने से परेशान हैं।
झबुला देवी निवासी बांचमई अमांपुर
- केनरा बैंक से फरवरी 2016 में 80 हजार रुपये का बैंक से ऋण लिया था। इनका कर्ज माफ नहीं हो पा रहा है।
ओमप्रकाश निवासी कादरवाड़ी
- केनरा बैंक से 65 हजार रुपये 2013 में ऋण लिया था। दो साल पहले उनके पति की मौत हो गई। उन्हें अभी ऋण मोचन का लाभ नहीं मिला है। जबकि लेखपालों ने उन्हें सूचना दी थी और अभी तक ऋण माफ नहीं हो सका है।
सुनीता निवासी बस्तरमऊ
-दर्ज शिकायतों का सत्यापन बैंक एवं लेखपालों के माध्यम से कराया जाएगा। जमीन का सत्यापन भी किया जाएगा। सारी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ऋण मोचन की पात्रता वाले किसानों को ऋण मोचन का लाभ दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में अभी एक माह का समय और लग सकता है।
सुमित कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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ऋण मोचन से वंचित किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन ने 20 जनवरी तक शिकायतें दर्ज कराने का मौका दिया था। शनिवार को शिकायत दर्ज कराने का अंतिम दिन है। इससे एक दिन पूर्व शुक्रवार को वंचित किसानों की ऋण मोचन का लाभ पाने के लिए शिकायतें दर्ज कराने की भीड़ लगी रही। कलक्ट्रेट में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे।
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दोपहर के समय तक ऋण मोचन से वंचित 6466 किसान अपनी शिकायत दर्ज करा चुके थे। किसान कंट्रोल रूम पर किसान अपनी अलग अलग तरह की परेशानी गिना रहे थे। कासगंज तहसील क्षेत्र के ग्राम हिम्मतपुर सईं की महिला किसान सरला देवी को ऋण मोचन का लाभ नहीं मिला है। जबकि उनका ऋण मोचन की सूची में नाम था। बैंक वाले उन पर लगातार रिकवरी का दबाव बना रहे हैं। ऐसे एक नहीं ऋण मोचन से वंचित हजारों किसानों की पीड़ा है।
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- एसबीआई की शाखा से 51 हजार का केसीसी ऋण लिया था, लेकिन ऋण माफ नहीं किया गया। हालांकि नाम सूची में शामिल है। बैंक ने आरसी जारी कर दी है और रिकवरी का दबाव बढ़ाया जा रहा है।
किसान पप्पू सिंह निवासी कुमरऊआ
- उनके पति ने 60 हजार रुपये ग्रामीण बैंक से केसीसी कराई थी। डेढ़ माह पहले उनके पति की मौत हो गई है लेकिन उनका ऋण अभी तक माफ नहीं हुआ है। किसान ऋण माफ न होने से परेशान हैं।
झबुला देवी निवासी बांचमई अमांपुर
- केनरा बैंक से फरवरी 2016 में 80 हजार रुपये का बैंक से ऋण लिया था। इनका कर्ज माफ नहीं हो पा रहा है।
ओमप्रकाश निवासी कादरवाड़ी
- केनरा बैंक से 65 हजार रुपये 2013 में ऋण लिया था। दो साल पहले उनके पति की मौत हो गई। उन्हें अभी ऋण मोचन का लाभ नहीं मिला है। जबकि लेखपालों ने उन्हें सूचना दी थी और अभी तक ऋण माफ नहीं हो सका है।
सुनीता निवासी बस्तरमऊ
-दर्ज शिकायतों का सत्यापन बैंक एवं लेखपालों के माध्यम से कराया जाएगा। जमीन का सत्यापन भी किया जाएगा। सारी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ऋण मोचन की पात्रता वाले किसानों को ऋण मोचन का लाभ दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में अभी एक माह का समय और लग सकता है।
सुमित कुमार, जिला कृषि अधिकारी