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जीएसटी सर्वे के नाम पर व्यापारियों से वसूली
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:38 AM IST
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आगरा। जीएसटी रजिस्ट्रेशन के नाम पर राजा मंडी कपड़ा बाजार में व्यापारियों से ढाई-ढाई हजार रुपये वसूल किए गए। इसकी शिकायत वाणिज्य कर विभाग से की गई है। सत्यमेव जयते संस्था ने कॉल रिकार्ड कर वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर को सौंपी है, जिसके बाद निर्देश जारी किए गए है कि अगर सर्वे के नाम पर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी व्यापारी के पास पहुंचता है तो पहले उनका पहचान पत्र देखें।
सत्यमेव जयते के प्रतिनिधिमंडल ने वाणिज्य कर कमिश्नर से मुलाकात कर उन्हें आडियो सुनाया। व्यापारियों ने कहा कि राजा की मंडी रेलवे फाटक के पास कपड़ा व्यापारियों से ढाई हजार रुपये वसूले गए हैं। पांच कपड़ा व्यापारियों से चपरासी के जरिये वसूली की गई है। नंद किशोर गोयल ने कहा कि जीएसटी सर्वे के नाम पर कई कर्मचारी बाजारों में घूम रहे हैं और हर महीने वसूली कर रहे हैं।
इस पर ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी मिथलेश कुमार ने कहा कि अगर सर्वे में कोई अधिकारी जाएगा तो व्यापारी से सबसे पहले सर्वे शीट पर हस्ताक्षर कराएगा। जिस व्यापारी पर कोई अधिकारी या कर्मचारी पहुंचे तो उसका पहचान पत्र देखें और फोटो मोबाइल से ही खींच लें। अगर जीएसटी का भुगतान व्यापारी कर रहा है तो सर्वे नहीं होगा।
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बिल जांचना हो तो 7235001111 पर भेजें
आगरा।
बाजार में खरीदारी करते हुए अगर आपको किसी बिल पर संदेह हो तो बिल की प्रति 7235001111 पर व्हाट्सएप के जरिए भेज दीजिए। वाणिज्य कर विभाग ने यह सुविधा शुरू की है ताकि फर्जी बिलों से कर चोरी पकड़ी जा सके।
ह्वश्चष्ड्ढष्ष्ञ्चद्दद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व पर भी बिल को ईमेल कर सकते हैं। यह आईडी विभाग के केंद्रीयकृत बिल संग्रहण केंद्र की है। इस बिल को संबंधित क्षेत्र के अधिकारी पर भेजा जाएगा जो जांच कर इसकी सत्यता बताएंगे। अपर आयुक्त ग्रेड वन डॉ. बुद्धेश मणि ने बताया कि इससे टैक्स चोरी तो रुकेगी ही, आम लोग भी जागरूक हो सकेंगे।
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सत्यमेव जयते के प्रतिनिधिमंडल ने वाणिज्य कर कमिश्नर से मुलाकात कर उन्हें आडियो सुनाया। व्यापारियों ने कहा कि राजा की मंडी रेलवे फाटक के पास कपड़ा व्यापारियों से ढाई हजार रुपये वसूले गए हैं। पांच कपड़ा व्यापारियों से चपरासी के जरिये वसूली की गई है। नंद किशोर गोयल ने कहा कि जीएसटी सर्वे के नाम पर कई कर्मचारी बाजारों में घूम रहे हैं और हर महीने वसूली कर रहे हैं।
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इस पर ज्वाइंट कमिश्नर जीएसटी मिथलेश कुमार ने कहा कि अगर सर्वे में कोई अधिकारी जाएगा तो व्यापारी से सबसे पहले सर्वे शीट पर हस्ताक्षर कराएगा। जिस व्यापारी पर कोई अधिकारी या कर्मचारी पहुंचे तो उसका पहचान पत्र देखें और फोटो मोबाइल से ही खींच लें। अगर जीएसटी का भुगतान व्यापारी कर रहा है तो सर्वे नहीं होगा।
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बिल जांचना हो तो 7235001111 पर भेजें
आगरा।
बाजार में खरीदारी करते हुए अगर आपको किसी बिल पर संदेह हो तो बिल की प्रति 7235001111 पर व्हाट्सएप के जरिए भेज दीजिए। वाणिज्य कर विभाग ने यह सुविधा शुरू की है ताकि फर्जी बिलों से कर चोरी पकड़ी जा सके।
ह्वश्चष्ड्ढष्ष्ञ्चद्दद्वड्डद्बद्य.ष्शद्व पर भी बिल को ईमेल कर सकते हैं। यह आईडी विभाग के केंद्रीयकृत बिल संग्रहण केंद्र की है। इस बिल को संबंधित क्षेत्र के अधिकारी पर भेजा जाएगा जो जांच कर इसकी सत्यता बताएंगे। अपर आयुक्त ग्रेड वन डॉ. बुद्धेश मणि ने बताया कि इससे टैक्स चोरी तो रुकेगी ही, आम लोग भी जागरूक हो सकेंगे।