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मैनपुरी के लाल ने किया कमाल
Updated Mon, 02 Apr 2018 11:34 PM IST
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इरशाद
- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी। नगर के नगला कवर निवासी युवा प्रतिभा ने मलाला यूसुफजई पर बन रही फिल्म में अहम किरदार हासिल कर मैनपुरी का नाम रोशन करने का काम किया है। फिल्म की शूटिंग अभी भुज मेें चल रही है। इरशाद अली इससे पहले वॉलीवुड की कई फिल्मों में किरदार निभा चुके हैं।
नगर के नगला कवर निवासी असगर खान के बेटे इरशाद अली 12वीं की पढ़ाई करने के बाद आगरा चले गए थे। वहां आरबीएस से ग्रेजुएशन करने के बाद दिल्ली के अस्मिता थियेटर में काम किया। आर्थिक तंगी के चलते थियेटर बंद कर प्राइवेट नौकरी भी की। इस बीच लखनऊ की भारतेंदु नाट्य एकेडमी में उनका चयन हो गया। वहां से एक्टिंग का दो वर्षीय डिप्लोमा किया। पुणे से एक वर्षीय डिप्लोमा करने के दौरान उनकी मुलाकात अभिनेता रजा मुराद से हुई। इरशाद के काम से प्रभावित होकर वह उन्हें मुंबई ले गए। वहां फिल्मों में कुछ छोटी भूमिकाएं भी कीं।
इस बीच 2012 में पिता की मौत के बाद घर परिवार की जिम्मेदारी के चलते दो साल मैनपुरी में ही बिताने पडे़। दो बहनों की शादी करने के बाद वह एक बार फिर से मुंबई लौट गए।
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इरशाद अली ने फिल्म सद्दाम में विलेन का रोल निभाया, तीन तिलंगे फिल्म में उन्हें डायरेक्टर शशांक ढंडोतिया ने मुख्य भूमिका में साइन किया। कुछेक फिल्मों में छोटे किरदार करने के दौरान उन्हें नोबेल पुरुस्कार प्राप्त मलाला यूसुफजई पर बन रही फिल्म अफगानिस्तानी कैप्टन की अहम भूमिका सौंपी गई। उनके अलावा फिल्म में मशहूर कलाकार ओमपुरी का भी अहम रोल था। मगर उनकी मौत के बाद शूटिंग रोक दी गई थी। शूटिंग भुज में दोबारा शुरू हो चुकी है।
नगर के नगला कवर निवासी असगर खान के बेटे इरशाद अली 12वीं की पढ़ाई करने के बाद आगरा चले गए थे। वहां आरबीएस से ग्रेजुएशन करने के बाद दिल्ली के अस्मिता थियेटर में काम किया। आर्थिक तंगी के चलते थियेटर बंद कर प्राइवेट नौकरी भी की। इस बीच लखनऊ की भारतेंदु नाट्य एकेडमी में उनका चयन हो गया। वहां से एक्टिंग का दो वर्षीय डिप्लोमा किया। पुणे से एक वर्षीय डिप्लोमा करने के दौरान उनकी मुलाकात अभिनेता रजा मुराद से हुई। इरशाद के काम से प्रभावित होकर वह उन्हें मुंबई ले गए। वहां फिल्मों में कुछ छोटी भूमिकाएं भी कीं।
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इस बीच 2012 में पिता की मौत के बाद घर परिवार की जिम्मेदारी के चलते दो साल मैनपुरी में ही बिताने पडे़। दो बहनों की शादी करने के बाद वह एक बार फिर से मुंबई लौट गए।
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इरशाद अली ने फिल्म सद्दाम में विलेन का रोल निभाया, तीन तिलंगे फिल्म में उन्हें डायरेक्टर शशांक ढंडोतिया ने मुख्य भूमिका में साइन किया। कुछेक फिल्मों में छोटे किरदार करने के दौरान उन्हें नोबेल पुरुस्कार प्राप्त मलाला यूसुफजई पर बन रही फिल्म अफगानिस्तानी कैप्टन की अहम भूमिका सौंपी गई। उनके अलावा फिल्म में मशहूर कलाकार ओमपुरी का भी अहम रोल था। मगर उनकी मौत के बाद शूटिंग रोक दी गई थी। शूटिंग भुज में दोबारा शुरू हो चुकी है।