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अस्पताल के इंतजामों की जांच में जुटा खुफिया विभाग
Updated Sun, 20 Aug 2017 11:56 PM IST
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फिरोजाबाद। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज जैसी घटना भविष्य में दोबारा न हो, इसके लिए शासन खासा सक्रिय है। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की ओर से उनके इंतजामों को लेकर भेजी गई रिपोर्ट से शासन संतुष्ट नहीं है।
इसी के चलते अस्पतालों की गोपनीय रूप से जांच शुरू कराई गई है। खुफिया विभाग की टीम अस्पताल के इंतजामों को परख रही है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
खुफिया विभाग की टीम यहां जिला अस्पताल में चिकित्सा और सुरक्षा के सभी इंतजाम देख रही है। इसके साथ ही अस्पताल के हाल पर भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह गोपनीय रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी जानी है। साथ ही अस्पतालों से भी जानकारी मांगी है।
गोरखपुर कांड के बाद ही जिला अस्पताल प्रशासन ने शासन के निर्देशों का पालन करते हुए विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसमें आक्सीजन की सप्लाई कहां से हो रही, महीने का कितना खर्च है, कोई बकाया तो नहीं, उपकरणों के क्या हालात है आदि बिंदुओं पर जानकारी दी गई थी। रिपोर्ट में सब कुछ ठीक ठाक बताया गया है।
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आक्सीजन एवं उपकरणों पर ज्यादा ध्यान
खुफिया विभाग की जांच के बिंदु अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं को लेकर हैं। अस्पताल में डाक्टरों की संख्या, रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या, आइसीयू, इमरजेंसी समेत अन्य वार्डों की स्थिति, इलाज की सुविधाएं आदि। खुफिया विभाग का सबसे अधिक फोकस अस्पताल में मरीजों को लगाई जाने वाली आक्सीजन और उपकरण को लेकर है। मरीजों के इलाज के लिए कैसे उपकरण हैं। आक्सीजन की उपलब्धता, खर्च, बकाया आदि की जानकारी जुटा रहे हैं।
प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले भी निशाने पर
खफिया टीम के निशाने पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सक भी हैं। प्रदेश में सरकार बनने के बाद ही यह जानकारी सीएमओ स्तर से मांगी गई थी। निजी प्रैक्टिस करने वालों की जांच के लिए कमेटी भी बनाई गई। बावजूद किसी भी चिकित्सक की जांच टीम ने नहीं की। अब गोरखपुर कांड के बाद शासन ने खुफिया विभाग से यह रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद से ही खुफिया टीमों ने ऐसे चिकित्सकों पर नजर रखनी शुरू कर दी है।
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इसी के चलते अस्पतालों की गोपनीय रूप से जांच शुरू कराई गई है। खुफिया विभाग की टीम अस्पताल के इंतजामों को परख रही है। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
खुफिया विभाग की टीम यहां जिला अस्पताल में चिकित्सा और सुरक्षा के सभी इंतजाम देख रही है। इसके साथ ही अस्पताल के हाल पर भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह गोपनीय रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी जानी है। साथ ही अस्पतालों से भी जानकारी मांगी है।
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गोरखपुर कांड के बाद ही जिला अस्पताल प्रशासन ने शासन के निर्देशों का पालन करते हुए विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसमें आक्सीजन की सप्लाई कहां से हो रही, महीने का कितना खर्च है, कोई बकाया तो नहीं, उपकरणों के क्या हालात है आदि बिंदुओं पर जानकारी दी गई थी। रिपोर्ट में सब कुछ ठीक ठाक बताया गया है।
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आक्सीजन एवं उपकरणों पर ज्यादा ध्यान
खुफिया विभाग की जांच के बिंदु अस्पताल की सभी व्यवस्थाओं को लेकर हैं। अस्पताल में डाक्टरों की संख्या, रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या, आइसीयू, इमरजेंसी समेत अन्य वार्डों की स्थिति, इलाज की सुविधाएं आदि। खुफिया विभाग का सबसे अधिक फोकस अस्पताल में मरीजों को लगाई जाने वाली आक्सीजन और उपकरण को लेकर है। मरीजों के इलाज के लिए कैसे उपकरण हैं। आक्सीजन की उपलब्धता, खर्च, बकाया आदि की जानकारी जुटा रहे हैं।
प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले भी निशाने पर
खफिया टीम के निशाने पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले सरकारी चिकित्सक भी हैं। प्रदेश में सरकार बनने के बाद ही यह जानकारी सीएमओ स्तर से मांगी गई थी। निजी प्रैक्टिस करने वालों की जांच के लिए कमेटी भी बनाई गई। बावजूद किसी भी चिकित्सक की जांच टीम ने नहीं की। अब गोरखपुर कांड के बाद शासन ने खुफिया विभाग से यह रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद से ही खुफिया टीमों ने ऐसे चिकित्सकों पर नजर रखनी शुरू कर दी है।