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डीजल इंजन पर जीएसटी की दर कम करने की मांग
Updated Thu, 27 Jul 2017 10:38 PM IST
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आगरा। डीजल इंजन और इसके पार्ट्स पर जीएसटी की दरों के कारण कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया है। ताजनगरी के इंजीनियरिंग कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन ने सांसद चौ. बाबूलाल के साथ दिल्ली में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार और अर्जुन राम मेघवाल से जीएसटी की दरें कम करने की मांग की।
एसोसिएशन अध्यक्ष अनुज अग्रवाल, सचिव मनोज गर्ग ने वित्त राज्यमंत्रियों से कहा कि डीजल इंजन पंप सेट 12 फीसदी टैक्स स्लैब में है, जबकि पार्ट्स को 28 प्रतिशत स्लैब में रखा गया है। पार्ट्स निर्माताओं के सामने रोजीरोटी का संकट है।
इससे जुड़े 70 हजार कारीगरों के बेरोजगार होने का संकट गहरा रहा है। करीब चार लाख लोग डीजल इंजन और पार्ट्स से जुड़े हुए हैं। डीजल इंजन पंप सेट के निर्माता आगरा, राजकोट, लुधियाना, फगवाड़ा और कोल्हापुर में हैं। किसान को महंगा इंजन खरीदने से उसकी उत्पादन लागत बढ़ जाएगी। डीजल इंजन पार्ट्स पर वैट की दर केवल पांच फीसदी रही है। इसे 28 फीसदी करना गलत है।
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जीएसटी काउंसिल में तय होगी दर
केंद्रीय वित्तराज्य मंत्रियों संतोष गंगवार और अर्जुन राम मेघवाल ने सांसद बाबूलाल के साथ पहुंचे उद्यमियों की बातें सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि पांच अगस्त को जीएसटी काउंसिल की बैठक होनी है। इसमें डीजल इंजन उद्योग पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने माना कि डीजल इंजन और पार्ट्स पर 12 फीसदी जीएसटी की दर रहनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में अतुल गुप्ता, संजय गोयल और अमित जैन भी मौजूद रहे।
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एसोसिएशन अध्यक्ष अनुज अग्रवाल, सचिव मनोज गर्ग ने वित्त राज्यमंत्रियों से कहा कि डीजल इंजन पंप सेट 12 फीसदी टैक्स स्लैब में है, जबकि पार्ट्स को 28 प्रतिशत स्लैब में रखा गया है। पार्ट्स निर्माताओं के सामने रोजीरोटी का संकट है।
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इससे जुड़े 70 हजार कारीगरों के बेरोजगार होने का संकट गहरा रहा है। करीब चार लाख लोग डीजल इंजन और पार्ट्स से जुड़े हुए हैं। डीजल इंजन पंप सेट के निर्माता आगरा, राजकोट, लुधियाना, फगवाड़ा और कोल्हापुर में हैं। किसान को महंगा इंजन खरीदने से उसकी उत्पादन लागत बढ़ जाएगी। डीजल इंजन पार्ट्स पर वैट की दर केवल पांच फीसदी रही है। इसे 28 फीसदी करना गलत है।
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जीएसटी काउंसिल में तय होगी दर
केंद्रीय वित्तराज्य मंत्रियों संतोष गंगवार और अर्जुन राम मेघवाल ने सांसद बाबूलाल के साथ पहुंचे उद्यमियों की बातें सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि पांच अगस्त को जीएसटी काउंसिल की बैठक होनी है। इसमें डीजल इंजन उद्योग पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने माना कि डीजल इंजन और पार्ट्स पर 12 फीसदी जीएसटी की दर रहनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल में अतुल गुप्ता, संजय गोयल और अमित जैन भी मौजूद रहे।