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Agra News: प्रधानमंत्री उज्ज्वला के 58 हजार लाभार्थियों की सब्सिडी पर संकट, ई-केवाईसी नहीं कराने पर डूब जाएगा सब्सिडी का पैसा, 31 मार्च अंतिम सीमा
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आगरा। उज्ज्वला गैस सिलिंडर के लाभार्थियों की सब्सिडी पर संकट मंडरा रहा है। यदि 31 मार्च तक उन्होंने बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण (ई-केवाईसी) नहीं कराई तो खातों में सब्सिडी की रकम नहीं आएगी। जिले में 58 हजार से अधिक उज्ज्वला लाभार्थी ई-केवाईसी से वंचित हैं।
उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी कराना अब अनिवार्य है। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि जिले में संचालित 88 डिस्ट्रीब्यूटर्स के माध्यम से इस अभियान को गति दी जा रही है। जिले में करीब 13 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिनमें से 3.40 लाख उज्ज्वला लाभार्थी हैं। प्रशासन और तेल कंपनियों के प्रयासों से अब तक 2.82 लाख उज्ज्वला लाभार्थी ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं।
हालांकि अब भी 58 हजार लाभार्थी ऐसे हैं जिन्होंने प्रमाणीकरण नहीं कराया है, जिससे उनकी सब्सिडी पर स्थायी रूप से रुकने का खतरा मंडरा रहा है। तेल विपणन कंपनियों के अनुसार, उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलने वाली 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी (अधिकतम 9 रिफिल तक) के लिए हर वित्तीय वर्ष में एक बार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण जरूरी है। 14.2 किलोग्राम सिलिंडर की आठवीं और नौवीं रिफिल की सब्सिडी तब तक नहीं मिलेगी, जब तक ई-केवाईसी पूरा नहीं होता।
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यदि 31 मार्च तक यह कार्य नहीं हुआ तो रुकी हुई राशि हमेशा के लिए लैप्स हो जाएगी। राहत की बात यह है कि केवाईसी न होने पर भी गैस की सप्लाई बाधित नहीं होगी और उपभोक्ता बुकिंग जारी रख सकते हैं। किसी भी समस्या के लिए टोल-फ्री नंबर 18002333555 पर संपर्क किया जा सकता है।
ऐसे पूरा करें ई-केवाईसी
मोबाइल एप: आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल के एप और आधार फेस आरडी एप से खुद प्रमाणीकरण कर सकते हैं।
घर बैठे सेवा: सिलिंडर पहुंचाने आने वाले डिलीवरी मैन या डिस्ट्रीब्यूटर के जरिये निशुल्क ई-केवाईसी कराएं।
वेब पोर्टल: आधिकारिक वेबसाइट https://www.pmuy.gov.in/e-kyc.html पर भी सुविधा उपलब्ध है।
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उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी कराना अब अनिवार्य है। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि जिले में संचालित 88 डिस्ट्रीब्यूटर्स के माध्यम से इस अभियान को गति दी जा रही है। जिले में करीब 13 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिनमें से 3.40 लाख उज्ज्वला लाभार्थी हैं। प्रशासन और तेल कंपनियों के प्रयासों से अब तक 2.82 लाख उज्ज्वला लाभार्थी ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं।
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हालांकि अब भी 58 हजार लाभार्थी ऐसे हैं जिन्होंने प्रमाणीकरण नहीं कराया है, जिससे उनकी सब्सिडी पर स्थायी रूप से रुकने का खतरा मंडरा रहा है। तेल विपणन कंपनियों के अनुसार, उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलने वाली 300 रुपये की लक्षित सब्सिडी (अधिकतम 9 रिफिल तक) के लिए हर वित्तीय वर्ष में एक बार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण जरूरी है। 14.2 किलोग्राम सिलिंडर की आठवीं और नौवीं रिफिल की सब्सिडी तब तक नहीं मिलेगी, जब तक ई-केवाईसी पूरा नहीं होता।
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यदि 31 मार्च तक यह कार्य नहीं हुआ तो रुकी हुई राशि हमेशा के लिए लैप्स हो जाएगी। राहत की बात यह है कि केवाईसी न होने पर भी गैस की सप्लाई बाधित नहीं होगी और उपभोक्ता बुकिंग जारी रख सकते हैं। किसी भी समस्या के लिए टोल-फ्री नंबर 18002333555 पर संपर्क किया जा सकता है।
ऐसे पूरा करें ई-केवाईसी
मोबाइल एप: आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल के एप और आधार फेस आरडी एप से खुद प्रमाणीकरण कर सकते हैं।
घर बैठे सेवा: सिलिंडर पहुंचाने आने वाले डिलीवरी मैन या डिस्ट्रीब्यूटर के जरिये निशुल्क ई-केवाईसी कराएं।
वेब पोर्टल: आधिकारिक वेबसाइट https://www.pmuy.gov.in/e-kyc.html पर भी सुविधा उपलब्ध है।