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दरोगा और सिपाही ने होमगार्ड से रिश्वत लेकर छोड़ा भतीजा
Updated Sat, 26 May 2018 10:59 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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एटा। थाने से भतीजे को छुड़ाने पहुंचे होमगार्ड से पिलुआ थाने में तैनात दरोगा और सिपाही ने आठ हजार रुपये की रिश्वत ले ली। होमगार्ड के अधिकारियों से शिकायत करने पर थाना प्रभारी ने होमगार्ड के रुपये लौटाकर मामला रफादफा कर दिया। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
कोतवाली नगर के अशोक नगर निवासी नाहर सिंह होमगार्ड है। वर्तमान समय उनकी ड्यूटी थाना पिलुआ में चल रही है। होमगार्ड ने बताया कि उसका भतीजा बीस मई को पिलुआ क्षेत्र स्थित एक ढाबे पर खाना खा रहा था। उसी समय उसका ढाबा संचालक से लेनदेन का लेकर विवाद हो गया। इस पर ढाबा संचालक ने फोन करके थाना पिलुआ से एक दरोगा और सिपाही को बुला लिया और होमगार्ड के भतीजे को पकड़वा दिया। होमगार्ड ने बताया कि जब इसकी जानकारी उसे हुई तो वह सुबह को थाने पहुंच गया और थाना प्रभारी को मामला बताया। थाना प्रभारी ने दरोगा और सिपाही को छोड़ने का निर्देश दिया। इसके बाद भी दरोगा ने होमगार्ड से भतीजे को छोड़ने के लिए दस हजार रुपये की रिश्वत मांगी। दरोगा और सिपाही ने उसकी एक नहीं सुनी और उससे आठ हजार रुपये वसूल लिए। होमगार्ड ने शिकायत पुलिस अधिकारियों से की। सूत्रों की मानें तो थाना प्रभारी रामसिया मौर्य ने सिपाही और दरोगा को बुलाकर होमगार्ड के रुपये वापस कराए। होमगार्ड का आरोप है कि दरोगा ने चार हजार रुपये लौटा दिए है, जबकि सिपाही ने रुपये नहीं लौटाए। गौरतलब है कि रिश्वत लेने वाला सिपाही पहले भी वसूली को लेकर चर्चाओं में रह चुका है।
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। होमगार्ड से पैसे लेने की जांच कराई जाएगी। जिसमें दोषी पाए जाने वाले दरोगा और सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
संजय कुमार एएसपी।
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कोतवाली नगर के अशोक नगर निवासी नाहर सिंह होमगार्ड है। वर्तमान समय उनकी ड्यूटी थाना पिलुआ में चल रही है। होमगार्ड ने बताया कि उसका भतीजा बीस मई को पिलुआ क्षेत्र स्थित एक ढाबे पर खाना खा रहा था। उसी समय उसका ढाबा संचालक से लेनदेन का लेकर विवाद हो गया। इस पर ढाबा संचालक ने फोन करके थाना पिलुआ से एक दरोगा और सिपाही को बुला लिया और होमगार्ड के भतीजे को पकड़वा दिया। होमगार्ड ने बताया कि जब इसकी जानकारी उसे हुई तो वह सुबह को थाने पहुंच गया और थाना प्रभारी को मामला बताया। थाना प्रभारी ने दरोगा और सिपाही को छोड़ने का निर्देश दिया। इसके बाद भी दरोगा ने होमगार्ड से भतीजे को छोड़ने के लिए दस हजार रुपये की रिश्वत मांगी। दरोगा और सिपाही ने उसकी एक नहीं सुनी और उससे आठ हजार रुपये वसूल लिए। होमगार्ड ने शिकायत पुलिस अधिकारियों से की। सूत्रों की मानें तो थाना प्रभारी रामसिया मौर्य ने सिपाही और दरोगा को बुलाकर होमगार्ड के रुपये वापस कराए। होमगार्ड का आरोप है कि दरोगा ने चार हजार रुपये लौटा दिए है, जबकि सिपाही ने रुपये नहीं लौटाए। गौरतलब है कि रिश्वत लेने वाला सिपाही पहले भी वसूली को लेकर चर्चाओं में रह चुका है।
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। होमगार्ड से पैसे लेने की जांच कराई जाएगी। जिसमें दोषी पाए जाने वाले दरोगा और सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
संजय कुमार एएसपी।