{"_id":"5ae366e84f1c1b9b098b6d89","slug":"51524852456-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कारखानों में श्रमिकों से नौ घंटे कराया जा रहा काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कारखानों में श्रमिकों से नौ घंटे कराया जा रहा काम
Updated Fri, 27 Apr 2018 11:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। कांच और चूड़ी कारखानों में कार्यरत श्रमिकों की समस्याओं को लेकर सदस्य विधान परिषद डा. दिलीप यादव ने प्रतिनिधि मंडल के साथ डीएम से मुलाकात की। उन्होंने श्रमिकों की समस्याओं से संबंधित 12 सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा।
सपा एमएलसी डा. दिलीप यादव ने कहा कि कारखानों में मजदूरों से आठ घंटे के स्थान पर जबरन 9.30 घंटे काम लिया जा रहा है। श्रमिकों की हाजिरी रजिस्ट्रर नंबर 12 पर अंकित नहीं हो रही। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में तीन लाख के सपेक्ष 25 हजार मजदूरों का ईपीएफ कटता है। मजदूरों को ईएसआई की सुविधा देने, चेक से भुगतान कराने, श्रमिकों को मध्यान भोजन अवकाश देने, ूकारखानों में मजदूरों के लिए स्वच्छ पेयजल, शौचालय और विश्राम करने की व्यवस्था करने की मांग रखी।
उन्होंने कहा कि चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों को 1950 रुपये प्रति सैकड़ा तोड़ा की दर से मजदूरी का भुगतान हो रहा है। जबकि चूड़ी जुड़ाई में 20 श्रमिक नियोजित होते हैं। इससे उनकी न्यूनतम मजदूरी कम है। ऐसे में चूड़ी जुड़ाई मजदूरों की वास्तविक संख्या के आंकलन के लिए त्रिपक्षीय कमेटी गठित कराकर नया शासनादेश जारी किया जाए। जिलाध्यक्ष सुमनदेवी सविता, पूर्व विधायक ओमप्रकाश वर्मा, रघुवीर सिंह सविता, अशोक यादव, देशदीपक यादव, विजय आर्या, जगमोहन यादव मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सपा एमएलसी डा. दिलीप यादव ने कहा कि कारखानों में मजदूरों से आठ घंटे के स्थान पर जबरन 9.30 घंटे काम लिया जा रहा है। श्रमिकों की हाजिरी रजिस्ट्रर नंबर 12 पर अंकित नहीं हो रही। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में तीन लाख के सपेक्ष 25 हजार मजदूरों का ईपीएफ कटता है। मजदूरों को ईएसआई की सुविधा देने, चेक से भुगतान कराने, श्रमिकों को मध्यान भोजन अवकाश देने, ूकारखानों में मजदूरों के लिए स्वच्छ पेयजल, शौचालय और विश्राम करने की व्यवस्था करने की मांग रखी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों को 1950 रुपये प्रति सैकड़ा तोड़ा की दर से मजदूरी का भुगतान हो रहा है। जबकि चूड़ी जुड़ाई में 20 श्रमिक नियोजित होते हैं। इससे उनकी न्यूनतम मजदूरी कम है। ऐसे में चूड़ी जुड़ाई मजदूरों की वास्तविक संख्या के आंकलन के लिए त्रिपक्षीय कमेटी गठित कराकर नया शासनादेश जारी किया जाए। जिलाध्यक्ष सुमनदेवी सविता, पूर्व विधायक ओमप्रकाश वर्मा, रघुवीर सिंह सविता, अशोक यादव, देशदीपक यादव, विजय आर्या, जगमोहन यादव मौजूद रहे।
विज्ञापन