{"_id":"5a36adfb4f1c1b95188ba650","slug":"51513532923-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंत्रालय की बैठक के लिए टीटीजेड में फाइनल रिहर्सल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंत्रालय की बैठक के लिए टीटीजेड में फाइनल रिहर्सल
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:22 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिरोजाबाद। पर्यावरण मंत्रालय में सोमवार को उद्योगों पर लगी रोक हटाने और कांच इकाइयों को गैस देने के संबंध में महत्वपूर्ण बैठक होगी। मंत्रालय की बैठक से पहले रविवार को तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए घंटों तक कवायद होती जा रही।
सुहानगरी में जनवरी-15 से नई इकाइयों की स्थापना और क्षमता विस्तार पर बैन लगा हुआ है। उद्यमी टीटीजेड में कांच उद्योग पर लगी बंदिशें हटाने के प्रयास में जुटे हैं। पर्यावरण मंत्रालय की पहल ने कांच उद्योग को उम्मीद की नई किरण दिखाई है।
सोमवार को मंत्रालय में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक को लेकर मंडलायुक्त, डीएम, उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर गंभीर नजर आ रहे हैं। संडे को मंडलायुक्त के. राममोहन राव ने सुबह 10 बजे उद्योग विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को तलब किया।
विज्ञापन
सुबह दस बजे से दोपहर तीन बजे मंडलायुक्त उद्योग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों के साथ मंत्रालय में प्रस्तुत किए जाने वाले रिकार्ड की गहनता से जांच की गई। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में अफसरों ने पांच घंटे तक रिकार्ड की जांच की। रिपोर्ट ओके होने के बाद बैठक खत्म हुई।
विज्ञापन
सुहानगरी में जनवरी-15 से नई इकाइयों की स्थापना और क्षमता विस्तार पर बैन लगा हुआ है। उद्यमी टीटीजेड में कांच उद्योग पर लगी बंदिशें हटाने के प्रयास में जुटे हैं। पर्यावरण मंत्रालय की पहल ने कांच उद्योग को उम्मीद की नई किरण दिखाई है।
विज्ञापन
सोमवार को मंत्रालय में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक को लेकर मंडलायुक्त, डीएम, उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसर गंभीर नजर आ रहे हैं। संडे को मंडलायुक्त के. राममोहन राव ने सुबह 10 बजे उद्योग विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों को तलब किया।
विज्ञापन
सुबह दस बजे से दोपहर तीन बजे मंडलायुक्त उद्योग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों के साथ मंत्रालय में प्रस्तुत किए जाने वाले रिकार्ड की गहनता से जांच की गई। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में अफसरों ने पांच घंटे तक रिकार्ड की जांच की। रिपोर्ट ओके होने के बाद बैठक खत्म हुई।