{"_id":"598761884f1c1b2d708b4948","slug":"51502044552-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच हजार किलो दूध से होगा कान्हा का अभिषेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच हजार किलो दूध से होगा कान्हा का अभिषेक
Updated Mon, 07 Aug 2017 01:49 PM IST
विज्ञापन
श्रीकृष्ण जन्मस्थान
मथुरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पांच हजार किलो दूध से कान्हा का अभिषेक किया जाएगा। जन्मस्थान पर ही 251 किलो दूध से अभिषेक होगा। जन्म के साथ ही कान्हा को पंचामृत से भी स्नान कराया जाता है। मथुरा में भगवान कृष्ण के पांच हजार मंदिर हैं। उस हिसाब से करीब पांच हजार किलो दूध अभिषेक में खर्च हो जाता है। पिछले साल करीब चार हजार किलो दूध का प्रयोग हुआ था।
भगवान कृष्ण के शहर में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां तेज हो गईं हैं। जन्मस्थान, द्वारिकाधीश, बांकेबिहारी, प्रेम मंदिर, इस्कान मंदिर और गोकुल में नंदभवन समेत सभी मंदिरों में जन्माष्टमी पर गाय के दूध से भगवान कृष्ण का जन्माभिषेक कराया जाएगा। इसके लिए सभी मंदिरों में दूध की व्यवस्था की जा रही है। जन्मस्थान में 251 किलो दूध से भगवान का अभिषेक कराया जाएगा। पंचामृत से भी ठाकुर जी के बाल स्वरूप का स्नान कराया जाता है। इसे लेकर तैयारियां की जा रही हैं। वहीं द्वारिकाधीश में भी विशेष इंतजाम हो रहे हैं। द्वारिकाधीश में 51 किलो दूध से अभिषेक होता है। जबकि वृंदावन के राधारमण मंदिर, शाह बिहारी जी मंदिर, इस्कान मंदिर में 251-251 किलो से अभिषेक किया जाएगा। मथुरा में भगवान कृष्ण के कुल पांच हजार मंदिर हैं। इस हिसाब से सभी मंदिरों में अभिषेक होगा। करीब पांच हजार किलो दूध से अभिषेक होगा।
जन्म का अभिषेक गाय के दूध से होगा
द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी का कहना है कि दूध से भगवान के जन्म का अभिषेक होता है। गाय के दूध से अभिषेक किया जाता है। पंचामृत से भी स्नान कराया जाता है। पंचामृत में दूध के साथ शहद, केसर, दही और घी मिलाया जाता है।
विज्ञापन
भगवान का प्रिय है दूध और घी
श्री कृष्ण जन्म स्थान सेवा संस्थान के अधिशासी अधिकारी राजीव श्रीवास्तव का कहना है कि भगवान को गाय का दूध और घी सबसे प्रिय है। जन्म के समय दूध से ही अभिषेक किया जाता है। पंचामृत भी बड़ी मात्रा में तैयार किया जाता है। 251 किलो दूध का तो इस्तेमाल हो ही जाता है।
विज्ञापन
भगवान कृष्ण के शहर में जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां तेज हो गईं हैं। जन्मस्थान, द्वारिकाधीश, बांकेबिहारी, प्रेम मंदिर, इस्कान मंदिर और गोकुल में नंदभवन समेत सभी मंदिरों में जन्माष्टमी पर गाय के दूध से भगवान कृष्ण का जन्माभिषेक कराया जाएगा। इसके लिए सभी मंदिरों में दूध की व्यवस्था की जा रही है। जन्मस्थान में 251 किलो दूध से भगवान का अभिषेक कराया जाएगा। पंचामृत से भी ठाकुर जी के बाल स्वरूप का स्नान कराया जाता है। इसे लेकर तैयारियां की जा रही हैं। वहीं द्वारिकाधीश में भी विशेष इंतजाम हो रहे हैं। द्वारिकाधीश में 51 किलो दूध से अभिषेक होता है। जबकि वृंदावन के राधारमण मंदिर, शाह बिहारी जी मंदिर, इस्कान मंदिर में 251-251 किलो से अभिषेक किया जाएगा। मथुरा में भगवान कृष्ण के कुल पांच हजार मंदिर हैं। इस हिसाब से सभी मंदिरों में अभिषेक होगा। करीब पांच हजार किलो दूध से अभिषेक होगा।
विज्ञापन
जन्म का अभिषेक गाय के दूध से होगा
द्वारिकाधीश मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी का कहना है कि दूध से भगवान के जन्म का अभिषेक होता है। गाय के दूध से अभिषेक किया जाता है। पंचामृत से भी स्नान कराया जाता है। पंचामृत में दूध के साथ शहद, केसर, दही और घी मिलाया जाता है।
विज्ञापन
भगवान का प्रिय है दूध और घी
श्री कृष्ण जन्म स्थान सेवा संस्थान के अधिशासी अधिकारी राजीव श्रीवास्तव का कहना है कि भगवान को गाय का दूध और घी सबसे प्रिय है। जन्म के समय दूध से ही अभिषेक किया जाता है। पंचामृत भी बड़ी मात्रा में तैयार किया जाता है। 251 किलो दूध का तो इस्तेमाल हो ही जाता है।