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पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की सांसद निधि हुई वापस, इस काम के लिए जारी हुआ धन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 08 Apr 2018 02:07 PM IST
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मनोहर पर्रिकर
- फोटो : अमर उजाला
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गोवा के मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यसभा सांसद मनोहर पर्रिकर द्वारा मथुरा के कस्बा छाता के गांव खायरा में इंटर कालेज में कमरे निर्माण के लिए दी गई 48 लाख रुपये की रकम को प्रशासन ने वापस कर दिया। स्कूल में कमरे निर्माण के लिए जमीन का संस्था के नाम हस्तांतरण न होने के चलते यह रकम लखनऊ को वापस कर दी गई।
पिछले साल जुलाई माह में तत्कालीन राज्यसभा सांसद मनोहर पर्रिकर ने छाता तहसील के गांव खायरा में बने सौभरी इंटर कालेज के लिए कालेज प्रबंधक राजवीर शर्मा की पहल पर 47 लाख 88 हजार रुपये छह कमरे बनाने के लिए जारी किए थे। इस मामले में डीएम मथुरा व परियोजना निदेशक के लिए पत्र भी पर्रिकर की ओर से जारी किया गया।
परियोजना निदेशक ने इस मामले में विद्यालय की जांच की और प्रबंधक से जमीन के कागजात मांगे तो वे जमीन के स्वामित्व के कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसमें कालेज प्रबंधक ने ग्राम पंचायत की जमीन के कागजात प्रस्तुत किए। लेकिन उक्त जमीन विद्यालय के नाम नहीं थी।
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परियोजना निदेशक रवि किशोर त्रिपाठी ने बताया कि राज्यसभा सांसद मनोहर पर्रिकर द्वारा जारी की गई 48 लाख की रकम को लखनऊ स्थित नोडल जनपद को वापस कर दिया है। सौभरी इंटर कालेज खायरा के प्रबंधक ने उक्त जमीन के स्कूल के नाम कागजात प्रस्तुत नहीं किए थे।
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पिछले साल जुलाई माह में तत्कालीन राज्यसभा सांसद मनोहर पर्रिकर ने छाता तहसील के गांव खायरा में बने सौभरी इंटर कालेज के लिए कालेज प्रबंधक राजवीर शर्मा की पहल पर 47 लाख 88 हजार रुपये छह कमरे बनाने के लिए जारी किए थे। इस मामले में डीएम मथुरा व परियोजना निदेशक के लिए पत्र भी पर्रिकर की ओर से जारी किया गया।
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परियोजना निदेशक ने इस मामले में विद्यालय की जांच की और प्रबंधक से जमीन के कागजात मांगे तो वे जमीन के स्वामित्व के कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसमें कालेज प्रबंधक ने ग्राम पंचायत की जमीन के कागजात प्रस्तुत किए। लेकिन उक्त जमीन विद्यालय के नाम नहीं थी।
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परियोजना निदेशक रवि किशोर त्रिपाठी ने बताया कि राज्यसभा सांसद मनोहर पर्रिकर द्वारा जारी की गई 48 लाख की रकम को लखनऊ स्थित नोडल जनपद को वापस कर दिया है। सौभरी इंटर कालेज खायरा के प्रबंधक ने उक्त जमीन के स्कूल के नाम कागजात प्रस्तुत नहीं किए थे।