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सिक्योरिटी गार्ड को फंसाने के लिए बनाया बम का हौवा
Updated Fri, 27 Apr 2018 08:05 PM IST
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डैमो
- फोटो : google
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मथुरा। नयति अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला युवक नयति अस्पताल की एंबुलेंस का पूर्व चालक निकला। उसकी पत्नी नयति अस्पताल में ही सिक्योरिटी गार्ड है। पत्नी के साथ में गार्ड का काम करने वाले युवक को फंसाने के लिए अस्पताल में बम रखा होने की फर्जी सूचना दी थी।
गुरुवार दोपहर को नयति की इमरजेंसी में बम रखा होने की सूचना सिक्योरिटी अधिकारी पर पहुंची थी। पुलिस ने पूरा अस्पताल छान मारा लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला। पुलिस ने उस नंबर के आधार पर धमकी देने वाले की तलाश शुरू की जिस नंबर से सिक्योरिटी अधिकारी पर फोन आया था। शुक्रवार को पुलिस ने अजय सिंह राजौरा निवासी इंदौर मध्यप्रदेश को गिरफ्तार करके पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि अजय राजौरा आठ माह पूर्व तक नयति अस्पताल की एंबुलेंस पर चालक था। उसे हटा दिया गया था। अजय अब केडी मेडिकल छाता में गाड़ी चलाता है। वहीं अजय राजौरा की पत्नी नयति अस्पताल में ही सिक्योरिटी गार्ड है। पत्नी से अजय की अनबन चल रही है।
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बताया कि अस्पताल के दूसरे सिक्योरिटी गार्ड देवेंद्र पाराशर व प्रमिला अजय की पत्नी को सहयोग करते हैं। इससे वह कुपित रहता है। दूसरे सिक्योरिटी गार्ड को फंसाने के लिए अस्पताल में बम होने की सूचना दी। पुलिस ने मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाकर अजय को पकड़ लिया। अजय से दो मोबाइल बरामद किए हैं।
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गुरुवार दोपहर को नयति की इमरजेंसी में बम रखा होने की सूचना सिक्योरिटी अधिकारी पर पहुंची थी। पुलिस ने पूरा अस्पताल छान मारा लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला। पुलिस ने उस नंबर के आधार पर धमकी देने वाले की तलाश शुरू की जिस नंबर से सिक्योरिटी अधिकारी पर फोन आया था। शुक्रवार को पुलिस ने अजय सिंह राजौरा निवासी इंदौर मध्यप्रदेश को गिरफ्तार करके पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
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एसपी सिटी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि अजय राजौरा आठ माह पूर्व तक नयति अस्पताल की एंबुलेंस पर चालक था। उसे हटा दिया गया था। अजय अब केडी मेडिकल छाता में गाड़ी चलाता है। वहीं अजय राजौरा की पत्नी नयति अस्पताल में ही सिक्योरिटी गार्ड है। पत्नी से अजय की अनबन चल रही है।
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बताया कि अस्पताल के दूसरे सिक्योरिटी गार्ड देवेंद्र पाराशर व प्रमिला अजय की पत्नी को सहयोग करते हैं। इससे वह कुपित रहता है। दूसरे सिक्योरिटी गार्ड को फंसाने के लिए अस्पताल में बम होने की सूचना दी। पुलिस ने मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाकर अजय को पकड़ लिया। अजय से दो मोबाइल बरामद किए हैं।