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4.31 करोड़ की जीएसटी चोरी: बिना माल सप्लाई करोड़ों का टैक्स खेल, बोगस फर्म से फर्जी ITC क्लेम
Mon, 25 May 2026 10:21 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 25 May 2026 10:21 AM IST
सार
आगरा के लोहामंडी थाना क्षेत्र में 4.31 करोड़ रुपये की आईटीसी चोरी का मामला सामने आया है, जिसमें बोगस फर्म के जरिए फर्जी इनपुट सप्लाई दिखाई गई। जांच में पता चला कि दर्ज पते पर कोई फर्म मौजूद नहीं थी और बिना वास्तविक सप्लाई के टैक्स क्रेडिट क्लेम किया गया था।
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विस्तार
आगरा के थाना लोहामंडी में एक और बोगस फर्म बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) चोरी का मामला सामने आया है। फर्म संचालक ने बिना वास्तविक आपूर्ति के 4.31 करोड़ रुपये का आईटीसी चोरी की। विभाग को जांच में मौके पर फर्म से संबंधित कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
राज्यकर अधिकारी रूर्देश कुमार चौबे ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017-18 में विभाग में पंजीकृत फर्म कार्तिक मेटल एंड एलय शाहदरा, नुनिहाई ने 23.90 करोड़ रुपये की आउटवर्ड सप्लाई घोषित की। जांच में सामने आया कि कार्तिक मेटल ने अस्तित्वहीन फर्म से बिना वास्तविक आपूर्ति हासिल किए केवल दस्तावेज का आदान-प्रदान करते हुए बोगस इन्वर्ड सप्लाई घोषित की गई।
इस बोगस सप्लाई के सापेक्ष अर्जित आईटीसी का क्लेम किया गया। उन्होंने बताया कि फर्म ने व्यापारी ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में 44 लाख और वर्ष 2018-19 में 3.86 करोड़ रुपये की राजस्व की क्षति की है। इस फर्म की मालिक घटिया आजम खां की श्वेता बंसल हैं। जब राज्य कर विभाग की टीम ने फर्म की जांच की तो पता चला कि दर्ज पते पर इस तरह की कोई फर्म संचालित नहीं हो रही है। एसीपी लोहा मंडी गौरव सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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पहले भी आए हैं मामले
जीएसटी चोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी थाना लोहा मंडी में कई मामले आ चुके हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 15 लोगों को जेल भी भेजा है। इसके बावजूद कई फर्जी फर्मों की जानकारी सामने आ रही है।
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राज्यकर अधिकारी रूर्देश कुमार चौबे ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017-18 में विभाग में पंजीकृत फर्म कार्तिक मेटल एंड एलय शाहदरा, नुनिहाई ने 23.90 करोड़ रुपये की आउटवर्ड सप्लाई घोषित की। जांच में सामने आया कि कार्तिक मेटल ने अस्तित्वहीन फर्म से बिना वास्तविक आपूर्ति हासिल किए केवल दस्तावेज का आदान-प्रदान करते हुए बोगस इन्वर्ड सप्लाई घोषित की गई।
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इस बोगस सप्लाई के सापेक्ष अर्जित आईटीसी का क्लेम किया गया। उन्होंने बताया कि फर्म ने व्यापारी ने वित्तीय वर्ष 2017-18 में 44 लाख और वर्ष 2018-19 में 3.86 करोड़ रुपये की राजस्व की क्षति की है। इस फर्म की मालिक घटिया आजम खां की श्वेता बंसल हैं। जब राज्य कर विभाग की टीम ने फर्म की जांच की तो पता चला कि दर्ज पते पर इस तरह की कोई फर्म संचालित नहीं हो रही है। एसीपी लोहा मंडी गौरव सिंह का कहना है कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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पहले भी आए हैं मामले
जीएसटी चोरी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी थाना लोहा मंडी में कई मामले आ चुके हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 15 लोगों को जेल भी भेजा है। इसके बावजूद कई फर्जी फर्मों की जानकारी सामने आ रही है।