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UP: फर्जी दस्तावेज से कराया 47 दोपहिया वाहनों का लोन, बाइक फाइनेंस का बड़ा घोटाला; आरोपी को मिली जमानत
Fri, 27 Mar 2026 09:53 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 27 Mar 2026 09:53 AM IST
सार
फर्जी दस्तावेजों के जरिए दोपहिया वाहनों के लिए करीब 34.47 लाख रुपये का फाइनेंस कराने के मामले में आरोपी को अदालत से जमानत मिल गई। जांच में सामने आया कि कई ग्राहकों के केवाईसी दस्तावेज फर्जी थे और किस्तें भी जमा नहीं की गईं, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों संग मिलकर फर्जी दस्तावेज के सहारे दोपहिया वाहन खरीदने के आरोपी शाहगंज थानाक्षेत्र के दौरेठा नंबर-1 निवासी यश खिरवार को जिला जज संजय कुमार मलिक ने जमानत दे दी। आरोपी ने अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था, जिसपर सुनवाई के बाद अदालत ने रिहाई के आदेश दे दिए।
थाना सिकंदरा में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार एक फाइनेंस कंपनी के क्षेत्रीय सेल्स प्रबंधक नीलेश कुमार ने पुलिस आयुक्त को शिकायती पत्र प्रेषित किया था। आरोप लगाया कि उनकी कंपनी अपने ग्राहकों को दो पहिया वाहनों के लिए वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराती है। मेसर्स रामा मोटर्स के स्वामी अनुरत्न अग्रवाल, सीमा अग्रवाल, ऋतु अग्रवाल और मां भगवती होंडा दो पहिया वाहनों के डीलर हैं।
उनकी कंपनी और डीलरों के बीच तय हुआ था कि कंपनी की ओर से भुगतान प्राप्त होते ही संबंधित ग्राहकों को समय से वाहन की डिलीवरी दी जाएगी। कंपनी के सेल्स ऑफिसर दीपक कुमार और राहुल कुशवाह ने यश खिरवार समेत 47 ग्राहकों के लिए वित्तीय सुविधा के लिए केवाईसी दस्तावेज प्रस्तुत किए। कंपनी ने ग्राहकों का फाइनेंस किया।
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दो पहिया वाहनों के डीलरों को कंपनी ने 34.47 लाख रुपये का भुगतान किया। कुछ समय बाद सभी ग्राहकों ने किस्त अदा करना बंद कर दिया। जांच में पता चला कि सभी वाहन स्वामियों के दस्तावेज फर्जी थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 8 फरवरी को जेल भेज दिया गया। तब से वह जेल में बंद था।
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थाना सिकंदरा में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार एक फाइनेंस कंपनी के क्षेत्रीय सेल्स प्रबंधक नीलेश कुमार ने पुलिस आयुक्त को शिकायती पत्र प्रेषित किया था। आरोप लगाया कि उनकी कंपनी अपने ग्राहकों को दो पहिया वाहनों के लिए वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराती है। मेसर्स रामा मोटर्स के स्वामी अनुरत्न अग्रवाल, सीमा अग्रवाल, ऋतु अग्रवाल और मां भगवती होंडा दो पहिया वाहनों के डीलर हैं।
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उनकी कंपनी और डीलरों के बीच तय हुआ था कि कंपनी की ओर से भुगतान प्राप्त होते ही संबंधित ग्राहकों को समय से वाहन की डिलीवरी दी जाएगी। कंपनी के सेल्स ऑफिसर दीपक कुमार और राहुल कुशवाह ने यश खिरवार समेत 47 ग्राहकों के लिए वित्तीय सुविधा के लिए केवाईसी दस्तावेज प्रस्तुत किए। कंपनी ने ग्राहकों का फाइनेंस किया।
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दो पहिया वाहनों के डीलरों को कंपनी ने 34.47 लाख रुपये का भुगतान किया। कुछ समय बाद सभी ग्राहकों ने किस्त अदा करना बंद कर दिया। जांच में पता चला कि सभी वाहन स्वामियों के दस्तावेज फर्जी थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे 8 फरवरी को जेल भेज दिया गया। तब से वह जेल में बंद था।